मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शिक्षक द्वारा एक छात्र की कथित तौर पर पिटाई और उसे 'जातिसूचक अपशब्द' कहे जाने के मामले का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है. NHRC ने गुरुवार को कहा कि उसने मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस अधिकारियों को नोटिस भेजे हैं. ये नोटिस शिवपुरी जिले के एक गांव में सरकारी प्राथमिक विद्यालय के चौथी कक्षा के छात्र के साथ एक शिक्षक द्वारा कथित पिटाई और ‘‘जातिसूचक अपशब्द'' कहे जाने की खबरों के बाद भेजे गए हैं.
आयोग ने कहा कि अगर खबर के दावे सच हैं तो यह मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला है. आयोग ने कहा कि उसने 28 जुलाई को उकावल गांव में हुई घटना के बारे में खबर का स्वतः संज्ञान लिया है. आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल,मामला शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील के उकावल गांव स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है. जानकारी के अनुसार, कक्षा 4 में पढ़ने वाला 8 वर्षीय छात्र रोज की तरह स्कूल पहुंचा था. पढ़ाई के दौरान उसे प्यास लगी, जिसके बाद उसने कक्षा में रखी शिक्षक की पानी की बोतल से पानी पी लिया. बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया और शिक्षक का गुस्सा मासूम छात्र पर उतर आया.
पानी पीने पर भड़का शिक्षक
परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, शिक्षक लोकेश शर्मा को यह बात पसंद नहीं आई कि छात्र ने उनकी बोतल को हाथ लगाया. आरोप है कि शिक्षक ने बच्चे को डांटने के साथ-साथ जातिसूचक शब्द भी कहे. इतना ही नहीं, आरोप है कि शिक्षक ने "मेरी बोतल को हाथ लगाने की हिम्मत कैसे हुई" कहते हुए छात्र की डंडे से पिटाई कर दी.
मारपीट के बाद छात्र जब घर पहुंचा तो वह काफी डरा हुआ था. उसने परिजनों को पूरी घटना बताई. फिर परिजनों की शिकायत पर कोलारस थाना क्षेत्र की लुकवासा चौकी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.
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