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'तुम दुर्गा बनो, काली बनो, लेकिन बुर्के वाली ना बनो' युवा लड़कियों से धीरेंद्र शास्त्री की अपील

पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि युवा अक्सर अपनी स्थिति के लिए संगति को जिम्मेदार ठहराते हैं, जबकि वास्तविक बदलाव व्यक्ति के भीतर से आता है. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राम के राज्य में मंथरा नहीं सुधरी और रावण के राज्य में विभीषण नहीं बिगड़े. इससे यह स्पष्ट होता है कि संगत तभी असर डालती है, जब व्यक्ति के भीतर स्वयं कोई कमी हो.

'तुम दुर्गा बनो, काली बनो, लेकिन बुर्के वाली ना बनो' युवा लड़कियों से धीरेंद्र शास्त्री की अपील
PANDIT DHIRENDRA SHASTRI APPEALS TO YOUTH AND ALERTED ESPECIALLY GIRLS

Bageshwar Dham Sarkar: बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गुरुवार को युवाओं को संबोधित करते हुए व्यंगात्मक लहजे कहा कि, तुम दुर्गा बनो, काली बनो, लेकिन बुर्के वाली ना बनो. ग्वालियर जिले में नवग्रह शक्तिपीठ के प्रतिष्ठा महोत्सव की कथा में विशेषकर लड़कियों को संबोधित कर रहे  धीरेंद्र शास्त्री ने बेटियों से आत्मबल और शक्ति का प्रतीक बनने की अपील करते हुए कहा कि वे दुर्गा और काली जैसी बनें.

पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि युवा अक्सर अपनी स्थिति के लिए संगति को जिम्मेदार ठहराते हैं, जबकि वास्तविक बदलाव व्यक्ति के भीतर से आता है. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राम के राज्य में मंथरा नहीं सुधरी और रावण के राज्य में विभीषण नहीं बिगड़े. इससे यह स्पष्ट होता है कि संगत तभी असर डालती है, जब व्यक्ति के भीतर स्वयं कोई कमी हो.

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'सत्संग नकारात्मकता रूपी 'एंटीवायरस' को दूर करता है'

बकौल धीरेंद्र शास्त्री, केवल सत्संग सुन लेने से जीवन नहीं बदलता, बल्कि उसे व्यवहार में उतारने से ही परिवर्तन संभव है. हनुमान जी को केवल मानने से नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने से कृपा प्राप्त होती है. जैसे बुझा हुआ दीपक, जलते दीपक के संपर्क में आकर प्रज्ज्वलित हो जाता है, वैसे ही सत्संग मन को प्रकाशित करता है और नकारात्मकता रूपी “एंटीवायरस” को दूर करता है.

'अच्छे आचरण हैं सफलता और ईश्वर-प्राप्ति के आधार'

युवाओं को सोशल मीडिया और इंस्टा रील्स के अत्यधिक प्रभाव से बचने की सलाह देते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सफलता ‘रील लाइक' करने से नहीं, बल्कि ‘रियल लाइफ' में मेहनत करने और पढ़ाई से मिलती है. 18 से 25 वर्ष की उम्र को जीवन का निर्णायक काल बताते हुए बागेश्वर धाम सरकार ने युवाओं से अनुशासन और संस्कार अपनाने पर जोर दिया.

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नवग्रह शक्तिपीठ के प्रतिष्ठा महोत्सव में पहुंचे थे नामचीन

ग्वालियर के डबरा में नवग्रह शक्तिपीठ के प्रतिष्ठा महोत्सव में आयोजित पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अभिनेता आशुतोष राणा मौजूद रहे. मध्य भारत की एक अद्वितीय धरोहर नवग्रह शक्तिपीठ पहला स्थल है, जहां नवग्रहों की स्थापना की गई है. मंदिर की संरचना ऐसी है कि एक शिखर की छाया दूसरे पर नहीं पड़ती,है. 

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