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Gehun Kharidi: मध्य प्रदेश सरकार ने बढ़ाई गेहूं खरीद की स्लॉट बुकिंग, अब 23 मई तक किसान करवा सकेंगे बुकिंग

Slot booking Period Extended: एक अधिकारी के अनुसार, दो मई तक राज्य में किसानों से 34.73 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत लगभग 600 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है, जबकि चना और मसूर की खरीद अवधि 30 मार्च से 28 मई तक निर्धारित की गई है.

Gehun Kharidi: मध्य प्रदेश सरकार ने बढ़ाई गेहूं खरीद की स्लॉट बुकिंग, अब 23 मई तक किसान करवा सकेंगे बुकिंग
GEHUN KHARIDI, SLOT BOOKING PERIOD EXTENDED
भोपाल:

MP Gehun Kharidi: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2026-27 रबी विपणन सत्र के लिए गेहूं खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई कर दी है, इससे किसानों को सुविधा होगी. पहले गेंहू खरीद के लिए अंतिम तिथि 9 मई थी, लेकिन सीएम मोहन अब इसे बढ़ाकर 23 मई करने की घोषणा की है. यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि समर्थन मूल्य योजना से कोई भी किसान वंचित न रह जाए.

एक अधिकारी के अनुसार, दो मई तक राज्य में किसानों से 34.73 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत लगभग 600 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है, जबकि चना और मसूर की खरीद अवधि 30 मार्च से 28 मई तक निर्धारित की गई है.

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चना के लिए 6.49 लाख टन और मसूर के लिए 6.01 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया

रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने चना के लिए 6.49 लाख टन और मसूर के लिए 6.01 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया है, जबकि अरहर की 1.31 लाख टन खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है. सीएम ने कहा कि खरीदी गई उपज का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है. अधिकारी ने बताया कि किसानों की उपज की सुरक्षा के लिए खाद्यान्न भंडारण योजना के तहत लगभग 3.55 लाख टन क्षमता का भंडारण तैयार किया गया है.

सामग्री भंडारण योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे 1.5 लाख टन क्षमता के आधुनिक गोदाम

सामग्री भंडारण योजना के अंतर्गत 1.5 लाख टन क्षमता के आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 1.1 लाख टन क्षमता वाले गोदामों का पंजीकरण पूरा हो चुका है. सीएम मोहन ने बताया कि ‘ई-विकास' और ‘ई-किसान' प्रणाली के जरिए किसानों को योजनाओं, बाजार भाव, मौसम और तकनीकी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही है.

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एक अप्रैल से राज्य के सभी जिलों में लागू ई-किसान प्रणाली के तहत प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट आईडी दी जा रही है, जिसमें उसकी भूमि और फसल का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड होगा। किसान रजिस्ट्री के माध्यम से प्रत्येक खेत का भू-टैगिंग किया जा रहा है, जिससे फसल बीमा, नुकसान का आकलन और ड्रोन से छिड़काव में सुविधा होगी.

प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में देश और दुनिया में अग्रणी एमपी में हो रही 53 लाख हेक्टेयर में खेती 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश और दुनिया में अग्रणी है, जहां 53 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खेती हो रही है और 6,000 से अधिक संकुल बनाए गए हैं. उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि प्रणाली के तहत 1,000 से अधिक कृषि ड्रोन ऑपरेटरों को जैविक कीटनाशकों के छिड़काव के लिए प्रशिक्षित किया गया है.

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