MP Cabinet Meeting Decisions: मध्य प्रदेश की कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, कृषि और सामाजिक कल्याण से जुड़े बड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई. कुल मिलाकर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए ₹26,800 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी गई है. ये फैसले आम लोगों से सीधे जुड़े हुए हैं और आने वाले समय में इनका असर जमीनी स्तर पर दिखेगा.
नारी शक्ति वंदन पर देश में पहला संकल्प
कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश ने नारी शक्ति वंदन के आरक्षण मुद्दे को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया. प्रदेश ने देश में सबसे पहले इस विषय को एक संकल्प के रूप में पारित किया. इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
बैठक में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ा भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. इस वर्ष असम से 16 जंगली भैंसे मध्य प्रदेश लाए जाएंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी पहली खेप को आज बाड़े में छोड़ा. इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा.
गेहूं उपार्जन को लेकर लिया अहम फैसला
प्रदेश में गेहूं का उपार्जन शुरू हो गया है. केंद्र सरकार ने उपार्जन लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख टन करने की अनुमति दे दी है. किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन ने फैसला किया है कि अब शनिवार को भी अवकाश नहीं रहेगा और सप्ताह में 6 दिन गेहूं का उपार्जन किया जाएगा.
स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई पर विशेष फोकस
कैबिनेट ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए ₹26,800 करोड़ की स्वीकृति दी है. सरकार का उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और प्रदेश के हर हिस्से तक विकास पहुंचाना है.
लखनदार बांध से सिंचाई को मिलेगा लाभ
शाजापुर जिले के लखनदार बांध पर पंप हाइड्रो सिस्टम के जरिए सिंचाई योजना को मंजूरी दी गई है. इस योजना पर ₹155 करोड़ खर्च होंगे. इससे शाजापुर जिले के 17 गांव और उज्जैन जिले की तराना तहसील के 7 गांवों की कुल 9,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी.
पीडब्ल्यूडी के बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी
लोक निर्माण विभाग के 5 महत्वपूर्ण कार्यों की निरंतरता को मंजूरी दी गई है. इन परियोजनाओं पर अगले 5 वर्षों में ₹26,311 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे सड़क और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी.
ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति में बड़ा इजाफा
दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक राहत भरा फैसला लिया गया है. ग्रेजुएशन स्तर पर पढ़ रहे ओबीसी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति ₹1,550 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह कर दी गई है. इससे छात्रों को पढ़ाई में आर्थिक सहयोग मिलेगा. प्रदेश के 38,901 आंगनबाड़ी भवनों में बिजली पहुंचाने के लिए ₹80 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.
मेडिकल कॉलेजों को मिली बड़ी सौगात
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के अधोसंरचना विकास के लिए ₹80 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं. वहीं, श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए ₹174 करोड़ की मंजूरी दी गई है.