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नेशनल हाईवे 552 बना रही कंपनी पर वेतन नहीं देने का आरोप, मजदूरों ने काम रोका, पुल का गर्डर गिरने से चर्चा में आई थी

वेतन न मिलने से मजदूरों और कर्मचारियों के परिवारों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है. कुछ कर्मचारियों ने बताया कि किराया, बच्चों की फीस और दैनिक खर्च चलाना मुश्किल हो गया है.

नेशनल हाईवे 552 बना रही कंपनी पर वेतन नहीं देने का आरोप, मजदूरों ने काम रोका, पुल का गर्डर गिरने से चर्चा में आई थी
Bhind News: कर्मचारियों ने काम बंद कर किया प्रदर्शन.

भिंड जिले में नेशनल हाईवे 552 बाईपास निर्माण में उप-निर्माण एजेंसी के रूप में काम कर रही अवनटेक्स इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड फिर विवादों में आ गई है. कंपनी पर कर्मचारियों और मजदूरों ने पिछले चार महीनों से वेतन का नियमित भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है. वेतन नहीं मिलने से नाराज 200 से अधिक कर्मचारियों और मजदूरों ने मशीनें बंद कर दीं, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया.

चार महीने से वेतन अटका, त्योहार पर बढ़ी नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि नवंबर से लगातार काम कराया जा रहा है, लेकिन वेतन समय पर नहीं दिया गया. मजदूरों का आरोप है कि हर बार प्रोजेक्ट प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन भुगतान नहीं हुआ. होली के त्योहार को देखते हुए मजदूरों और कर्मचारियों ने चार महीने का बकाया एकमुश्त देने की मांग की थी, ताकि वे अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें. लेकिन प्रबंधन त्योहार और बैंक अवकाश का बहाना बनाकर भुगतान टालता रहा.

एचआर पर बदसलूकी का आरोप

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कंपनी के एचआर मैनेजर संजय सिकरवार से हाथ जोड़कर वेतन दिलाने की गुहार लगाई. कर्मचारियों का कहना है कि इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. मजदूरों ने आरोप लगाया कि जो कर्मचारी किसी कारणवश काम पर नहीं पहुंच पाए, उन्हें जबरन छुट्टी पर भेजा जा रहा है, ताकि वेतन भुगतान से बचा जा सके. कई कर्मचारी पिछले चार महीनों से प्रोजेक्ट कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर रहे.

आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार

वेतन न मिलने से मजदूरों और कर्मचारियों के परिवारों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है. कुछ कर्मचारियों ने बताया कि किराया, बच्चों की फीस और दैनिक खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. लगातार देरी से मनोबल भी प्रभावित हो रहा है.

150 से 200 मजदूर कर रहे काम 

नेशनल हाईवे 552 बाईपास की यह परियोजना 21 किलोमीटर लंबी है, जिस पर लगभग 148.9 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य चल रहा है. इस प्रोजेक्ट का मूल ठेका आगरा की कंपनी एसकेएफ इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को शासन द्वारा दिया गया था. मौके पर सहायक एजेंसी के रूप में अवनटेक्स इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कार्य कर रही है. परियोजना में लगभग 150 से 200 कर्मचारी और मजदूर कार्यरत बताए जा रहे हैं, जिनका भुगतान नहीं हुआ.

हर महीने भुगतान किया जा रहा 

हंगामे की सूचना मिलने पर प्रोजेक्ट के जीएम आर.के. ठाकुर मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि एक स्थानीय कर्मचारी द्वारा अन्य मजदूरों को भड़काया जा रहा है और मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है. उनका दावा है कि कंपनी द्वारा प्रत्येक महीने नियमित भुगतान किया जा रहा है. इस बार शनिवार और त्योहार के कारण बैंकिंग प्रक्रिया में देरी हुई है, जिसे जल्द ही दूर कर दिया जाएगा. वहीं, एचआर मैनेजर संजय सिकरवार ने भी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार की बदसलूकी नहीं की गई है.
 

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