विज्ञापन

भिंड : घूंघट में लोकतंत्र; आलमपुर नगर परिषद की बैठक में महिला जनप्रतिनिधि मौन, पति-बेटे संभालते रहे कार्यवाही

Women Representatives in Ghoonghat: महिला आरक्षण का उद्देश्य महिलाओं को स्थानीय शासन में भागीदारी दिलाना और नेतृत्व मजबूत करना था. लेकिन "सरपंच पति" या "पार्षद पति" संस्कृति अभी भी कई क्षेत्रों में मजबूत दिखाई देती है. आलमपुर की यह तस्वीर यही बताती है कि सहभागिता कागज़ों पर तो है, लेकिन जमीन पर महिलाओं की आवाज़ अब भी कमजोर दिखाई देती है.

भिंड : घूंघट में लोकतंत्र; आलमपुर नगर परिषद की बैठक में महिला जनप्रतिनिधि मौन, पति-बेटे संभालते रहे कार्यवाही
भिंड : घूंघट में लोकतंत्र; आलमपुर नगर परिषद की बैठक में महिला जनप्रतिनिधि मौन, पति-बेटे संभालते रहे कार्यवाही

Women's Participation in Democracy: भिंड (Bhind) जिले में आलमपुर नगर परिषद (Alampur Municipal Council Bhind) की बैठक में लोकतंत्र की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई, जहां महिला जनप्रतिनिधियों (Women Representatives) की भागीदारी दिखने के बजाय उनके परिजन निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय नजर आए. सोमवार को बुलाई गई इस बैठक में महिला उपाध्यक्ष और सात महिला पार्षद घूंघट में बैठीं, जबकि उनकी जगह उनके पति और बेटे विकास कार्यों पर चर्चा करते रहे. करीब दो घंटे चली बैठक में किसी भी महिला पार्षद ने अपने वार्ड की समस्याएं या सुझाव नहीं रखे.

Bhind Municipal Council Controversy: घूंघट में महिला पार्षद

Municipal Council Controversy: घूंघट में महिला पार्षद

एक साल बाद बुलाई गई बैठक, लेकिन महिलाएं मौन

करीब एक वर्ष बाद आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल नौ सदस्यों में से अधिकांश महिलाएँ थीं, लेकिन बोलने की जिम्मेदारी उनके परिजनों के हाथ में रही. बैठक का एजेंडा विकास कार्यों की समीक्षा, प्रस्ताव पास करना और वार्ड स्तरीय योजनाओं पर चर्चा था, लेकिन महिला प्रतिनिधियों की चुप्पी ने सभी को हैरान किया. स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद भी कई जगहों पर महिला पार्षद राजनीति की मुख्य गतिविधियों से दूर रहती हैं और उनके पति या बेटे ही निर्णय प्रक्रिया संभालते हैं.

जनता का सवाल: शोपीस बन गई भागीदारी?

सामान्य लोगों का कहना है कि महिला पार्षदों को चुनाव में उम्मीदवार बनाया जरूर जाता है, लेकिन चुने जाने के बाद वास्तविक काम उनके परिजन संभालते हैं. वार्ड की समस्याओं की सुनवाई हो या योजनाओं की निगरानी, अधिकांश मामलों में "पति प्रतिनिधि" ही सक्रिय दिखाई देते हैं. इसी व्यवहार से सवाल उठ रहा है कि जब महिलाएँ निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, तो क्या उनकी भूमिका केवल शोपीस तक सीमित होकर रह गई है?

Alampur Municipal Council: नगर परिषद की बैठक

Alampur Municipal Council: नगर परिषद की बैठक

परंपरा या लोकतंत्र की कमजोरी? Tradition in Rural Politics

कई लोग इस स्थिति को परंपरा, सामाजिक दबाव या ग्रामीण मर्यादा से जोड़ते हैं, जहाँ महिलाएँ सार्वजनिक बैठकों में बोलने से बचती हैं. लेकिन सवाल यह भी है कि क्या संवैधानिक संस्थाएं, जहां नीतियां बनती हैं, बजट तय होते हैं और विकास कार्यों पर निर्णय होता है वहां परंपरा लोकतांत्रिक अधिकारों पर हावी होनी चाहिए? खास बात यह है कि परिषद की उपाध्यक्ष भी महिला हैं, फिर भी सक्रिय नेतृत्व उनकी जगह परिजन ही कर रहे थे.

गोहद में भी सामने आ चुकी है ऐसी स्थिति

यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले गोहद नगर पालिका में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जहाँ 18 में से 12 महिला पार्षदों की जगह उनके पति या बेटे बैठकों में पहुँचे थे. तब एक वार्ड के प्रतिनिधि के बेटे द्वारा बैठक के दौरान विवाद और कथित मारपीट की शिकायत दर्ज हुई थी, जो लंबे समय तक चर्चा में रहा.

महिला आरक्षण की वास्तविकता पर उठे सवाल Women's Reservation

महिला आरक्षण का उद्देश्य महिलाओं को स्थानीय शासन में भागीदारी दिलाना और नेतृत्व मजबूत करना था. लेकिन "सरपंच पति" या "पार्षद पति" संस्कृति अभी भी कई क्षेत्रों में मजबूत दिखाई देती है. आलमपुर की यह तस्वीर यही बताती है कि सहभागिता कागज़ों पर तो है, लेकिन जमीन पर महिलाओं की आवाज़ अब भी कमजोर दिखाई देती है.

क्या प्रशासन कदम उठाएगा?

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन और राजनीतिक दल इस स्थिति को गंभीरता से लेकर सुधारात्मक कदम उठाएंगे? या फिर महिला जनप्रतिनिधित्व भविष्य में भी केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा?

यह भी पढ़ें : RTE Admission 2026-27 MP: प्राइवेट स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश, लॉटरी से चयन, इस तारीख तक करें Online आवेदन

यह भी पढ़ें : Raisen Worker Death: रायसेन में बड़ा हादसा; मिट्टी में दबकर मजदूर की मौत, चिनकी परियोजना में लापरवाही

यह भी पढ़ें : Holi Checking: सावधान! रंग में भंग न पड़ जाए; होली पर रायपुर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई; इतने लोगों पर केस

यह भी पढ़ें : दुबई में फंसे इंदौर के दिग्गजों की घर वापसी; यूएई सरकार ने भेजी विशेष फ्लाइट, पूर्व MLA समेत ये हस्तियां लौटीं

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close