भिंड: ग्वालियर-भिंड एनएच (NH) 719 हाईवे के चौड़ीकरण की मांग को लेकर अब संत समाज भी खुलकर मैदान में उतर आया है. अखिल भारतीय संत समिति के जिला अध्यक्ष संत कालिदास महाराज के नेतृत्व में संत समाज और पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर हाईवे निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग उठाई.
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने उन्हें सीएम से मिलने से रोक दिया. इसका संत समाज ने कड़ा विरोध किया. मामला बढ़ता देख कार्यक्रम के बाद प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए संत समाज की सीएम से मुलाकात कराई.
भिंड की जनता की जान खतरे में
संत समाज ने सीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि हाईवे निर्माण में हो रही देरी से भिंड जिले की जनता की जान खतरे में है और अब इस मुद्दे पर तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्वालियर-भिंड हाईवे की डीपीआर (DPR) को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन इसके बावजूद 7 जुलाई को प्रस्तावित टेंडर नहीं खोले गए. इतना ही नहीं, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से टेंडर प्रक्रिया रोकने का कोई स्पष्ट कारण भी सामने नहीं आया है. इससे लोगों में भारी नाराजगी है और हाईवे निर्माण को लेकर फिर से अनिश्चितता की स्थिति बन गई है.
हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके
संत कालिदास महाराज ने मुख्यमंत्री से कहा कि ग्वालियर-भिंड हाईवे पर पिछले कई वर्षों में हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं. इनमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि वे भिंड जिले की जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करें और हाईवे निर्माण कार्य में हो रही देरी को तत्काल समाप्त कराएं.
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संतों को सीएम से मिलने से रोका
अखिल भारतीय संत समिति की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोपहर में संत समाज और पूर्व सैनिक बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे, लेकिन शुरुआत में प्रशासन ने उन्हें रोक दिया था. बाद में जिला प्रशासन ने संत कालिदास महाराज और 'इंडियन वेटरन्स ऑर्गनाइजेशन' सैनिक संगठन (लहार) के अध्यक्ष सूबेदार बसंत सिंह राजावत को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति दी. इसके बाद दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष हाईवे निर्माण की मांग और जनता की पीड़ा विस्तार से रखी.
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फरवरी 2027 तक का दिया समय
मुलाकात के बाद संत कालिदास महाराज ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि फरवरी 2027 तक ग्वालियर-भिंड हाईवे का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो संत समाज, पूर्व सैनिक और भिंड की जनता सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होगी. उन्होंने कहा कि अब यह केवल सड़क निर्माण का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों के जीवन और सुरक्षा का प्रश्न है, जिस पर और अधिक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.