
Bamboo Cutting Bonus: मध्य प्रदेश के बालाघाट (Balaghat) में बांस काटने वाले मजदूर (Workers) पिछले तीन साल के बोनस (Bonus of Bamboo Cutting) के लिए भटक रहे हैं. इन मजदूरों में महिला और पुरुष दोनों तरह के मजदूर शामिल हैं. यह मामला बालाघाट के दक्षिण उत्पादन वन मंडल का है. जहां लोगुर वन परिक्षेत्र (Logur Forest Range) में करीब दर्जन भर गांव के 900 से अधिक मजदूरों ने बांस की कटाई की थी. जिसका करोड़ों का बोनस अब तक इन मजदूरों को नहीं मिल सका है. बता दें कि बांस कटाई के लिए सरकार (Madhya Pradesh Governmant) मजदूरों को शत-प्रतिशत बोनस देती है.
करोड़ों के बोनस का है मामला
बांस कटाई के बोनस के लिए मजदूर वन विभाग के कार्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं. इन मजदूरों ने साल 2019-20, 2020-21 और 2021-22 में बांस की कटाई की थी. जिसका बोनस करीब 24 करोड़ रुपये हो रहा है. जिसमें से विभाग की ओर से 8 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है. जबकि 7 करोड़ के बोनस भुगतान का प्रमाणक ट्रेजरी में लगा है, जिसके भुगतान की उम्मीद जल्द ही है. इस बाद बाकी बचे 9 करोड़ रुपये का भुगतान अब भी लंबित है. जिसकी मांग मजदूर लगातार कर रहे हैं.
मजदूरों ने काम बंद करने की दी चेतावनी
बोनस नहीं मिलने के चलते अब मजदूरों ने काम नहीं करने की चेतावनी दी है. मजदूरों का कहना है कि बोनस के लिए वे लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा बात को लगातार टाला जा रहा है. बता दें कि इन मजदूरों में से प्रत्येक को 50 हजार से 1 लाख रुपये का बोनस मिलना है. जिसके लिए मजदूरों ने मंगलवार को सीसीएफ से भेंट की. इस दौरान मजदूरों ने बोनस नहीं मिलने पर बांस और लकड़ी कटाई बंद करने की चेतावनी दी है.
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