शिवपुरी से आयी खुशखबरी! बाबर विध्वंस के 500 वर्षों बाद माधव नेशनल पार्क में आया नन्हा हाथी, देखिए वीडियो

Baby Elephant: शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में नन्हे मेहमान का आगमन हुआ है. यहां हथिनी लक्ष्मी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है. इसी के साथ ही वर्षों बाद इस जंगल में हाथियों के गुलजार होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं. नए मेहमान के आगमन से पार्क प्रबंधन में खुशी का माहौल है.

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Baby Elephant in Madhav National Park: शिवपुरी के जंगल में आया नन्हा हाथी

Madhav National Park, Tiger Reserve Shivpuri: शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क (Madhav National Park) टाइगर रिजर्व से एक और खुशखबरी सामने आई है. बताया गया है कि यहां मौजूद हाथी (Elephant) सिद्धनाथ और हथनी लक्ष्मी ने अपने परिवार को आगे बढ़ाते हुए नन्हें हाथी (Baby Elephant) को जन्म दिया है. यह नन्हा हाथी पूरी तरह स्वस्थ है और जंगल में अपनी मां के साथ इधर-उधर घूमता हुआ कैमरे में कैद हुआ है. शिवपुरी के जंगल मैं अब हाथियों की संख्या नन्हे हाथी को मिलाकर तीन हो गई है.

हाथियों से गुलजार यह जंगल हाथी विहीन हो गया था

जून 2023 में शिवपुरी माधव नेशनल पार्क में सतपुड़ा के जंगलों से हाथी सिद्धनाथ और लक्ष्मी नाम की हथनी को यहां लाकर बसाया गया था. अब उनकी संतान ने यहां जन्म लिया है, जिससे यह साबित हो गया है कि हाथियों के लिए भी शिवपुरी का माधव नेशनल पार्क माकूल जगह है.

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Baby Elephant: शिवपुरी के जंगल में नन्हा हाथी

एक दौर ऐसा था कि शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क से लगे हुए नरवर के जंगलों को ऐरावन के जंगल यानी हाथियों का जंगल कहा जाता था. 1600 शताब्दी तक यह जंगल हाथियों के समूह से गुलजार रहा, लेकिन चंदेरी पर बाबर द्वारा किए गए आक्रमण के दौरान हाथियों का बड़े पैमाने पर शिकार हुआ और यहां से हाथियों का अस्तित्व ही मिट गया था.

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अब तकरीबन 500 साल बाद हाथियों का एक परिवार माधव नेशनल पार्क के जंगल में इस जंगल के ऐरावन होने का प्रमाण देते हुए इसके खोए हुए गौरव को वापस लौट रहा है.

बाघों के साथ हाथियों की भी चहल कदमी

माधव नेशनल पार्क में पहले से 7 टाइगर मौजूद हैं. ऐसे में जंगल में हाथियों की  मौजूदगी और उनके परिवार का आगे चलना वन्य जीव संरक्षण एवं माधव नेशनल पार्क शिवपुरी टाइगर रिजर्व के लिए अच्छी खबर है. अब सतपुड़ा से लाए गए हाथियों का परिवार बढ़कर आगे बढ़ता है तो शिवपुरी को उसका खोया हुआ गौरव और जंगल में हाथियों का कुनबा रोमांचित कर पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करना शुरू कर देगा. इससे शिवपुरी का ऐरावन एक बार फिर अस्तित्व में आ जाएगा.

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