Ahilyabai Holkar Statue Removal: वाराणसी में जिला प्रशासन द्वारा अहिल्या घाट पर स्थित देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा और मंदिर को हटाए जाने का मामला अब बड़ा विवाद बन गया है. इस घटना के विरोध में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा पर धरना देकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.
वाराणसी में प्रतिमा हटाने पर बढ़ा विवाद
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रशासन ने अहिल्या घाट पर बनी देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा और मंदिर को हटाया. इस कदम ने लोगों की भावनाओं को आहत किया और राजनीतिक हलचल तेज हो गई. कांग्रेस ने इसे आस्था पर चोट बताते हुए भाजपा सरकार पर हमला बोला.
राजवाड़ा पर धरना और भाजपा पर आरोप
इंदौर में सज्जन सिंह वर्मा ने मां अहिल्या की प्रतिमा के चरणों में बैठकर धरना दिया. उनके साथ कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. वर्मा ने कहा कि भाजपा एक तरफ अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती धूमधाम से मना रही है, वहीं दूसरी ओर उनकी धरोहरों का अपमान कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है.
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मां अहिल्या का योगदान और इतिहास
वर्मा ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने वाराणसी के घाटों का जीर्णोद्धार कराया था और उनके पुण्य कार्यों के सम्मान में स्थानीय लोगों ने प्रतिमा स्थापित की थी. उन्होंने इसे हटाना करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान बताया. कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. वर्मा ने कहा कि जो सरकार एक महान शासक और धर्मपरायण नारी की प्रतिमा की रक्षा नहीं कर सकती, उसे धर्म की बात करने का कोई अधिकार नहीं है. धरने में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
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