Worship Rules: हिन्दू धर्म मानने वाले हर व्यक्ति के घर में पूजाघर होता है, जिसमें भगवान विराजित होते हैं. लोग विधिवत तरीके से भगवान की पूजा करते हैं और हर दिन भगवान के सामने उनके प्रिय चीजों का भोग लगाते हैं. भगवान (Bhagwan ka prasad) को भोग लगाने के बाद हम प्रसाद को वहीं छोड़ देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं? भगवान को चढ़ाया भोग कितने समय बाद खा लेना है, आइये जानते हैं भोग -प्रसाद (Bhog lagane ke niyam) के इस नियम के बारे में..
कैसे लगाएं भगवान को भोग
यदि आपके घर में देवी-देवता विराजित है तो उन्हें भोग लगाने के लिए भगवान् की थाली या उस बर्तन को हमेशा अलग रखें, जिसपर भगवान को आप भोग लगा रहे हैं. आप पीतल या चांदी के बर्तन में भोग लगा सकते हैं लेकिन जिस थाली में आप खाते हैं उसमें कभी भी भोग नहीं लगाना चाहिए. ऐसा करने से भोग लगाना अशुद्ध माना जाता है. जब आप भोग लगाएं तो कभी भी उस थाली को जमीन पर न रखें, हमेशा उस पात्र को चौकी, स्टैंड या ऊपरी हिस्से में ही रखकर भगवान को प्रसाद अर्पित करें.
कब उठाएं भगवान के सामने से प्रसाद
भगवान के पास भोग लगाने के लिए थाली के सामने 15 मिनट से लेकर आधे घंटे तक रखें उसके बाद भोग उठा लें. इस बात ध्यान रखें कि जिस तरह हमें भोजन ग्रहण करने में 10 से 15 मिनट तक का समय लगता है. उसी प्रकार भगवान भी खाने में इतना समय ही लेते हैं. भगवान को भोग खाने का समय दें, कभी भी भगवान को प्रसाद लगाने के बाद तुरंत नहीं उठाना चाहिए.
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