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अगर ऐसा होता तो IAS Exam देने के बजाय स्टार्टअप उद्यमी बन जाता, जानिए अमिताभ कांत ने ये क्यों कहा?

Startup India: भारतीय स्टार्टअप्स ने पिछले 5 से 10 वर्षों में एक लंबा सफर तय किया है. इसमें बड़ी भूमिका सरकार के स्टार्टअप प्रोग्राम और अन्य योजनाओं ने निभाई है. ये बात अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक अभिराज सिंह बहल ने कही है. 

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अगर ऐसा होता तो IAS Exam देने के बजाय स्टार्टअप उद्यमी बन जाता, जानिए अमिताभ कांत ने ये क्यों कहा?

Amitabh Kant: भारत में स्टार्टअप (Startup) को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के प्रयासों की सराहना करते हुए जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत (G20 Sherpa and former NITI Aayog CEO Amitabh Kant) ने कहा कि अगर उनके समय में ऐसा माहौल होता, तो मैं आईएएस की परीक्षा (IAS Exam) में बैठने की बजाय  स्टार्टअप उद्यमी (Startup Entrepreneur) बन गया होता. राष्ट्रीय राजधानी में एक 'विशेष संपर्क अभियान' कार्यक्रम में आईएएनएस से बात करते हुए कांत ने कहा कि पीएम मोदी (PM Modi) सरकार (Modi Government) ने पिछले दशक में सबसे बड़ी बात यह की कि इसने स्टार्टअप के लिए नियमों और विनियमों में ढील दी, ताकि वे आगे बढ़ सकें.

350 बिलियन डॉलर का कारोबार

अमिताभ कांत ने कहा, "स्टार्टअप इंडिया (Startup India) को 16 जनवरी 2016 को पीएम मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था. तब से, भारत ने 1 लाख 30 हजार से अधिक स्टार्टअप, 115 से अधिक यूनिकॉर्न (Unicorns) और 350 बिलियन डॉलर  मूल्य के कारोबार के विकास को देखा है."

कांत कहा कि पिछले एक दशक में जो बदलाव आया है, उसे हासिल करने में लगभग 50 साल लग सकते थे, लेकिन वर्तमान सरकार के प्रयासों के कारण यह दस वर्षों में संभव हो गया.

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत का पिछला दशक जबरदस्त तकनीकी नवाचार और परिवर्तन का रहा."

भारतीय स्टार्टअप्स ने पिछले 5-10 साल में तय किया लंबा सफर

भारतीय स्टार्टअप्स ने पिछले 5 से 10 वर्षों में एक लंबा सफर तय किया है. इसमें बड़ी भूमिका सरकार के स्टार्टअप प्रोग्राम और अन्य योजनाओं ने निभाई है. ये बात अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक अभिराज सिंह बहल ने कही है. 

एक स्टार्टअप कार्यक्रम में बहल ने कहा, "आज से 10 वर्ष पहले देश में काफी छोटा इकोसिस्टम था और केवल एक यूनिकॉर्न था. लेकिन, अब स्थिति बदल गई है और देश में दुनिया का सबसे बड़ा इकोसिस्टम है और इसके कारण 110 से ज्यादा यूनिकॉर्न मौजूद हैं."

मई 2024 तक भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की कुल वैल्यू 349 अरब डॉलर थी. फिलहाल भारत यूनिकॉर्न की संख्या के मामले में तीसरे नंबर पर है. 'विशेष संपर्क अभियान' इवेंट में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत के लिए काफी सारे अवसर उपलब्ध हैं और मैं कह सकता हूं कि हम यहां से केवल आगे ही बढ़ने वाले हैं.

मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन ने हाल ही में जारी रिपोर्ट में बताया था कि 2024 की पहली तिमाही में भारतीय कंपनियों ने फिनटेक सेक्टर के लिए वैश्विक स्तर पर तीसरे नंबर पर पूंजी जुटाई है. बता दें, 2023 की चौथी तिमाही के मुकाबले 2024 की पहली तिमाही में फिनटेक सेक्टर को 59 प्रतिशत ज्यादा फंडिंग मिली है जो कि भारत में आर्थिक परिस्थितियों को दर्शाता है.

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