Top OTT Series: पिछले कुछ वर्षों में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने भारतीय कहानियों को कहने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. खासकर उन कहानियों को जो हिंदी हार्टलैंड में जड़ें जमाए हुए हैं. कानूनविहीन कस्बों, जाति की राजनीति, गहरे मनोवैज्ञानिक द्वंद्व और सामाजिक-राजनीतिक सच्चाइयों को दिखाते ये क्राइम ड्रामा दर्शकों से गहराई से जुड़े हैं. ये शोज सिर्फ अपराध की कहानी नहीं कहते, बल्कि उसके इकोसिस्टम को भी दिखाते हैं, जहां माहौल और परिवेश खुद कहानी का एक मजबूत किरदार बन जाता है. आइए नजर डालते हैं कुछ ऐसे लोकप्रिय ओटीटी क्राइम-ड्रामा शोज पर, जो हिंदी हार्टलैंड की कच्ची और वास्तविक धड़कन को बखूबी पकड़ते हैं.
मिर्जापुर
उत्तर प्रदेश के कानूनविहीन शहर मिर्जापुर में सेट यह आइकॉनिक सीरीज देसी क्राइम ड्रामा का पर्याय बन चुकी है. बंदूकें, सत्ता, बदला और पारिवारिक दुश्मनियां इसकी कहानी को आगे बढ़ाती हैं, जहां क्राइम लॉर्ड कालेन भैया और उसके प्रतिद्वंद्वी वर्चस्व की लड़ाई लड़ते हैं. कच्ची भाषा, हिंसक कहानी और यादगार किरदारों के कारण मिर्जापुर एक पॉप-कल्चर फिनॉमेनन बन गया.
रक्तांचल
रक्तांचल 1980 के दशक के उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और आपराधिक इतिहास में गहराई से धंसी हुई है. वास्तविक गैंग वॉर से प्रेरित यह शो, जिसमें कांति प्रकाश झा मुख्य भूमिका में हैं, दिखाता है कि कैसे राजनीति, जातिगत समीकरण और महत्वाकांक्षा अपराध के सरगनाओं को जन्म देती है. देहाती परिवेश और तीव्र सत्ता संघर्षों के साथ यह सीरीज जमीन से जुड़कर पेश करती है.
खाकी: द बिहार चैप्टर
यह सीरीज बिहार के उथल-पुथल भरे सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में ले जाती है. कानून व्यवस्था और खूंखार अपराधियों के बीच की जंग पर आधारित खाकी: द बिहार चैप्टर दिखाती है कि राजनीतिक दखल और सिस्टम की भ्रष्टाचार भरी खामियों के बीच अपराध कैसे फलता-फूलता है. एक्शन और यथार्थ का संतुलन इसे प्रभावशाली बनाता है.
दहाड़
राजस्थान की पृष्ठभूमि में बनी दहाड़ एक सच्ची घटनाओं से प्रेरित दमदार क्राइम थ्रिलर है. सोनाक्षी सिन्हा अभिनीत यह सीरीज छोटे कस्बों में फैले एक सीरियल मर्डर केस की जांच को दिखाती है. अपराध की तह में जाते हुए यह शो पितृसत्ता, जाति और सामाजिक चुप्पी जैसे मुद्दों को भी सामने लाता है, जिससे यह एक मजबूत सामाजिक दृष्टि वाला क्राइम ड्रामा बनता है.
आसुर
मिथक, मनोविज्ञान और अपराध का अनोखा मिश्रण पेश करने वाला आसुर एक अलग पहचान रखता है. छोटे शहरों और अर्ध-शहरी भारत में सेट यह शो इंसानी दिमाग के अंधेरे कोनों की पड़ताल करता है और भारतीय सांस्कृतिक व दार्शनिक संदर्भों से उसे जोड़ता है. इसका हार्टलैंड परिवेश इसकी रहस्यमयी और तीव्र कहानी को और विश्वसनीय बनाता है.
पाताल लोक
पाताल लोक उत्तर भारत में अपराध, वर्ग विभाजन और नैतिक पतन की एक सिहरन भरी तस्वीर पेश करता है. दिल्ली से शुरू हुई एक जांच जब समाज की गहरी परतों तक जाती है, गरीबी, हिंसा और संस्थागत अन्याय के जटिल जाल के रूप में सामने आता है. यह आज भी भारत की सबसे सराही गई क्राइम सीरीज में गिनी जाती है.
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