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Chhattisgarh Budget: 26 साल में बदली बजट की तस्वीर: छोटे बजट से ऐसे बढ़ा विशाल अर्थव्यवस्था तक का सफर

Chhattisgarh Budget 2026: शुरुआती वर्षों में बजट वृद्धि दर काफी तेज रही. वर्ष 2001-02 में बजट में 125 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसके बाद कई वर्षों तक दो अंकों की विकास दर बनी रही. वर्ष 2014 के बाद बजट विस्तार की गति और तेज हुई तथा बड़े पैमाने पर कल्याणकारी योजनाओं, सड़क निर्माण, ऊर्जा परियोजनाओं और शहरी विकास पर खर्च बढ़ाया गया. वर्ष 2024-25 में बजट 1.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा और 2025-26 में यह 1.65 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया, जो राज्य की मजबूत वित्तीय क्षमता का संकेत माना जा रहा है.

Chhattisgarh Budget: 26 साल में बदली बजट की तस्वीर: छोटे बजट से ऐसे बढ़ा विशाल अर्थव्यवस्था तक का सफर

CG Budget 2026: अलग राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) तेजी के साथ विकास की राह पर अग्रसर है.  दरअसल, पिछले 26 वर्षों में प्रदेश की आर्थिक संरचना और विकास की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. वर्ष 2000-01 में जहां राज्य का बजट केवल 2,531 करोड़ रुपये था, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 तक यह बढ़कर लगभग 1.65 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह वृद्धि केवल बजट के आकार में बढ़ोतरी नहीं बल्कि शासन की बदलती प्राथमिकताओं, आर्थिक विस्तार, अधोसंरचना निर्माण और सामाजिक योजनाओं के व्यापक विस्तार को भी दर्शाती है. लगातार बढ़ते बजट से स्पष्ट होता है कि राज्य ने शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता दी है.

26 साल में बदली बजट की तस्वीर: छोटे बजट से ऐसे बढ़ा विशाल अर्थव्यवस्था तक का सफर

26 साल में बदली बजट की तस्वीर: छोटे बजट से ऐसे बढ़ा विशाल अर्थव्यवस्था तक का सफर
Photo Credit: AI Generated Image

शुरुआती वर्षों में बजट वृद्धि दर काफी तेज रही. वर्ष 2001-02 में बजट में 125 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसके बाद कई वर्षों तक दो अंकों की विकास दर बनी रही. वर्ष 2014 के बाद बजट विस्तार की गति और तेज हुई तथा बड़े पैमाने पर कल्याणकारी योजनाओं, सड़क निर्माण, ऊर्जा परियोजनाओं और शहरी विकास पर खर्च बढ़ाया गया. वर्ष 2024-25 में बजट 1.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा और 2025-26 में यह 1.65 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया, जो राज्य की मजबूत वित्तीय क्षमता का संकेत माना जा रहा है.

2024-25 बजट: GYAN मॉडल पर विकास

वर्ष 2024-25 का बजट GYAN मॉडल पर आधारित रहा, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी सशक्तिकरण को विकास की मुख्य धुरी बनाया गया. इस मॉडल का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था. इसके बाद वर्ष 2025-26 में सरकार ने विकास को गति देने के लिए GATI मॉडल को अपनाया. इसमें सुशासन, अधोसंरचना विकास, तकनीकी विस्तार और औद्योगिक प्रगति को प्राथमिकता दी गई, जिससे रोजगार सृजन और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया.

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 विभागों का भी आवंटन बढ़ा

विभागीय बजट आवंटन पर नजर डालें तो शिक्षा, ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र सबसे अधिक प्राथमिकता में रहे. स्कूल शिक्षा विभाग को 22,356 करोड़ रुपये, पंचायत एवं ग्रामीण विकास को 18,461 करोड़ रुपये और कृषि विभाग को 13,506 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. इसके अलावा स्वास्थ्य, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास, खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक निर्माण विभागों को भी बड़े स्तर पर बजट आवंटित किया गया, जिससे बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास दिखाई देता है.

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर रहा फोकस

सरकार ने प्रमुख योजनाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर भी ध्यान केंद्रित किया. कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 8,500 करोड़ रुपये, महतारी वंदन योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये तथा मुफ्त बिजली, खाद्यान्न सहायता और स्वास्थ्य योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया. इन योजनाओं का उद्देश्य गरीब, किसान और महिलाओं को सीधे आर्थिक सहयोग प्रदान करना है.

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साल दर साल बढ़ती गई  प्रति व्यक्ति आय

राज्य की आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण संकेतक प्रति व्यक्ति आय भी रही है. वर्ष 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 1,06,117 रुपये थी, जो लगातार बढ़ते हुए वर्ष 2025-26 में 1.80 लाख रुपये से अधिक के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है. यह वृद्धि औद्योगिक गतिविधियों, कृषि उत्पादन, सेवा क्षेत्र विस्तार और सरकारी निवेश के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है.

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समग्र रूप से देखा जाए, तो पिछले ढाई दशकों में बजट का विस्तार राज्य को पारंपरिक प्रशासनिक ढांचे से निकालकर विकासोन्मुख अर्थव्यवस्था की दिशा में ले गया है. सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के संतुलन के साथ तैयार किए गए बजट अब दीर्घकालिक विकास, रोजगार सृजन और अधोसंरचना मजबूती का रोडमैप बनते नजर आ रहे हैं.

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