UPSC Success Story: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा केवल अफसर बनने की दौड़ नहीं, बल्कि एक लंबी मैराथन की तरह होती है. हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफल करीब एक हजार ही हो पाते हैं. यूपीएससी में कामयाबी उन्हीं को मिलती है जो असफलताओं से हार नहीं मानते और लगातार मेहनत करते रहते हैं.
इसका ताजा उदाहरण छत्तीसगढ़ के डायमंड सिंह ध्रुव हैं. 6 मार्च 2026 को घोषित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में डायमंड सिंह ध्रुव ने ऑल इंडिया रैंक 623 हासिल की है.
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से हैं डायमंड सिंह ध्रुव
डायमंड सिंह ध्रुव मूल रूप से छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड क्षेत्र के ग्राम पासवानी के रहने वाले हैं. उनकी सफलता की कहानी कई मायनों में प्रेरणादायक है. दिलचस्प बात यह है कि तीन महीने पहले ही वे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा 2024 में सफल होकर डीएसपी बने थे. फिलहाल वे रायपुर में डीएसपी की ट्रेनिंग ले रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी परीक्षा भी पास कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है.
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तीन बार असफलता के बाद चौथे प्रयास में मिली सफलता
एनडीटीवी से बातचीत में डायमंड सिंह ध्रुव ने बताया कि उन्होंने सीजीपीएससी परीक्षा 2024 में पहले ही प्रयास में 13वीं रैंक हासिल की थी और डीएसपी बने थे. वहीं यूपीएससी की बात करें तो उन्होंने यह परीक्षा चार बार दी. शुरुआती तीन प्रयासों में उन्हें असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ चौथे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी क्रैक कर लिया.
पिता के निधन के बाद भी नहीं छोड़ा सपना
डायमंड सिंह ध्रुव के पिता बलराम सिंह का वर्ष 2025 में निधन हो गया था. वे मगरलोड जनपद में करारोपण अधिकारी के पद पर कार्यरत थे. उनकी माता सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. परिवार से मिले संस्कार और समर्थन ने डायमंड सिंह को हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.
बचपन से ही मेधावी रहे डायमंड
डायमंड सिंह ध्रुव बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं. उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर मगरलोड से प्राप्त की. इसके बाद हाई स्कूल की पढ़ाई रेडियंट पब्लिक स्कूल, माना से पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा था. इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार मेहनत की और आखिरकार 6 मार्च 2026 को घोषित यूपीएससी परिणाम में सफलता हासिल कर ली.
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