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टमाटर ने किसानों को दिया दगा, मंडी में नहीं मिल रहे खरीददार, अब सरकार के फैसले पर नजर

Fall in Tomato Prices : जशपुर टमाटर उत्पादक जिला है, और यहां बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती की जाती है. पत्थलगांव क्षेत्र को टमाटर नगरी के नाम से भी जाना जाता है. लोगों की किचन में खाने का स्वाद बढ़ाने वाला टमाटर इन दिनों किसानों का जायका खराब कर रहा है. टमाटर की खेती से इस साल जिले में टमाटर किसानों को करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ है. 

टमाटर ने किसानों को दिया दगा, मंडी में नहीं मिल रहे खरीददार, अब सरकार के फैसले पर नजर

Tomato Farmers : टमाटर की खेती कर किसान हर साल अच्छी आय अर्जित करते थे. टमाटर की खेती ने किसानों के जीवन स्तर में बदलाव लाया है. इस साल भी जशपुर जिले में किसानो ने हजारों एकड़ में टमाटर की खेती की थी. लेकिन इस साल टमाटर किसानों को करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ है. इस साल जैसे ही टमाटर का उत्पादन शुरू हुआ, टमाटर के दाम अचानक से गिर गए. एक माह तक लगभग 5 रुपये किलो तक टमाटर किसानों ने व्यापारियों को बेचा. किसानों को उम्मीद थी कि टमाटर के दामों में इजाफा होगा. लेकिन कुछ दिनों तक 5 रुपये और फिर 2 रुपये प्रति किलोग्राम टमाटर किसानों ने बड़े व्यापारियों को बेचा. लेकिन अब स्थिति यह है कि 2 रुपये किलो में भी किसानों को खरीददार नहीं मिल रहे हैं.

किसान टमाटर मवेशियों को खिला रहे 

टमाटर खरीदने व्यापारियो के नहीं आने पर कुछ दिनों तक टमाटर किसान खुद ही टमाटर तोड़कर बाजारों तक पहुंचाने लगे. लेकिन उनकी टमाटर की तुड़ाई और परिवहन का खर्च भी नहीं निकलने पर किसानों ने टमाटर को खेतों में ही छोड़ दिया. टमाटर खेतो में पड़े-पड़े सुख रहे हैं. कुछ किसानों ने टमाटर के खेत मवेशियों के लिए, तो कुछ किसानों ने आम लोगों के लिये खुला छोड़ दिया. किसान टमाटर मवेशियों को खिला रहे हैं. वहीं, आसपास के जिस भी व्यक्ति को टमाटर की जरूरत होती है, वो किसानों को बिना पैसा दिए खेतों से टमाटर तोड़कर ले जा रहा है. टमाटर के दाम गिरने से हर किसान को लाखों का नुकसान हुआ है.

टमाटर ने दिया झटका 

जशपुर जिले में टमाटर के दाम गिरने से टमाटर किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है, जिससे किसान अब टमाटर की खेती छोड़ने पर भी विचार कर रहे हैं. टमाटर किसानों के नुकसान का अगर कैलकुलेशन किया जाए तो ये आंकड़ा 50 करोड़ से पार हो जाएगा.

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सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें

जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय का कहना है कि बहुत दुख की बात है कि किसानों द्वारा उत्पादन करने वाली टमाटर में दामों में गिरावट से किसान परेशान हैं. खराब मौसम के कारण किसानों टमाटर औने पौने दामो में बेचना पड़ता है, या फेंकना पड़ता है. किसानों के उन्नत फसल को लेकर इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री से चर्चा की गई है. इस पर एक जांच टीम गठित की गई. टीम सर्वे कर उन्नत व इससे बेहतरी के लिए काम किया जाएगा.

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