
Surrender of Naxalites in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के पीएलजीए (PLGA) बटालियन को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, मुठभेड़ों (Encounter) में लगातार नक्सली कमांडरों की मौत से घबराकर पीएलजीए बटालियन के चीफ बारसे देवा के भाई बारसे सन्ना समेत चार नक्सलियों ने शुक्रवार को सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाले 2 नक्सलियों पर 8-8 लाख रुपये और एक पुरुष व एक महिला नक्सली पर 2-2 लाख रुपये यानी कुल 20 लाख रुपये का इनाम है.
सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन के नए पुनर्वास नीति 2025 के तहत 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और कपड़े प्रदान किए गए . इसके अलावा इन लोगों को नियमानुसार दूसरी सुविधाएं भी प्रदान की जाएगी.
मुठभेड़ों में पूरी कंपनी का हो गया सफाया
दरअसल, पश्चिम बस्तर डिवीजन के कंपनी नंबर 2 के दोनों प्लाटूनों को सुरक्षाबलों ने सफाया कर दिया है. इस कंपनी में बचे एकमात्र सदस्य माड़वी हुर्रा ने बताया कि बीजापुर-दंतेवाड़ा जिले की सरहद पर बीते 6 महीने में दो बार मुठभेड़ हुए. पहले मुठभेड़ में कंपनी कमांडर 8 लाख के इनामी डीवीसीएम हुंगा समेत 26 नक्सली मारे गए. इसके बाद कंपनी की कमान 8 लाख के इनामी नक्सली कमांडर वागा को दी गई. जिम्मेदारी मिलने के कुछ दिनों बाद ही वागा भी मुठभेड़ में मारा गया. इसके साथ 22 नक्सली ढेर हो गए. इस तरह पूरी कंपनी का सफाया हो गया. पुलिस और सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव को देखते हुए उसने सरेंडर कर दिया.
बाल संघम के रूम में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था सन्ना
बारसे देवा का भाई बारसे सन्ना ने 2010 में बाल संघम के रूप में नक्सली संगठन में शामिल हुआ था. साल 2011 तक संघम में रहने के बाद 2012 में पूवर्ती आरपीसी डीएकेएमएस का सदस्य बनाया गया. एक साल तक सदस्य रहने के बाद संगठन ने सन्ना को 2014 में पूवर्ती आरपीसी मिलिशिया सदस्य बना दिया. 2019 से 2020 तक बीजापुर के उसूर एलओएस पार्टी सदस्य नियुक्त किया गया. इसके बाद 2020 से 2021 तक पीएलजीए बटालियन नंबर एक के कंपनी नंबर एक का पार्टी सदस्य बनाया गया. बारसे सन्ना 12 बोर बंदूक धारी था. बारसे सन्ना 2023 के फरवरी और मई माह में ग्राम सिलगेर से जगरगुंडा मार्ग के बीच व आस-पास के इलाकों में लगभग गड्ढे खोदकर मार्ग को अवरुद्ध करने की घटना में शामिल रहा.
एसपी किरण चव्हाण ने दी ये जानकारी
नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि पीलएलजीए बटालियन नंबर एक और पश्चिम बस्तर डिवीजन में कंपनी नंबर 2 में सक्रिय 2 हार्डकोर नक्सलियों सहित 4 नक्सलियों ने सरेंडर किया है. सरेंडर करने वालों में बटालियन हेड बारसे देवा का भाई 8 लाख का इनामी नक्सली सन्ना बारसे ने फोर्स के बढ़ते दबाव की वजह से सरेंडर कर दिया है. इसके साथ 8 लाख का इनामी पश्चिम बस्तर डिवीजन कम्पनी नम्बर 2 प्लाटून और नम्बर 1 का पार्टी सदस्य अरुण उर्फ माड़वी हुर्रा ने भी समर्पण कर दिया है. इसके अलावा, दो लाख के इनामी तुमालपाड़ आरपीसी मिलिषिया कमाण्डर सोड़ी मुक्का और दो लाख का पामेड़ इनामी एरिया कृषि कमेटी पार्टी सदस्या माड़वी रोशनी ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है. नक्सली संतोष उर्फ सन्ना बारसे के आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में सीआरपीएफ 131वीं वाहिनी व नक्सली अरुण उर्फ माड़वी हुर्रा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में थाना चिंतागुफा पुलिस बल का विशेष प्रयास रहा.
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इन नक्सलियों के सरेंडर के दौरान सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, सीआरपीएफ 131 वाहिनी के कमांडेंट दीपक कुमार साहु, द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश सिंह पायल, एएसपी अभिषेक वर्मा, डीएसपी मनीष रात्रे एवं निरीक्षक करुणाकर बेहेरा मौजूद रहे.
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