Heart Attack in Temple: सूरजपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुदरगढ़ देवी धाम में दर्शन के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु की अचानक मौत से हड़कंप मच गया. भीषण गर्मी और लंबी चढ़ाई के बीच 900 सीढ़ियां पार करते ही श्रद्धालु की सांस थम गई. यह घटना न सिर्फ शोक में डूबा देने वाली है, बल्कि धाम की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है.
परिवार के साथ दर्शन को आए थे श्रद्धालु
मृतक की पहचान कोरिया जिले के निवासी फूल सिंह के रूप में हुई है. वे अपने परिवार के साथ मां बागेश्वरी देवी के दर्शन के लिए कुदरगढ़ धाम पहुंचे थे. परिवार के अनुसार, दर्शन के दौरान सब कुछ सामान्य था और किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा इस तरह खत्म हो जाएगी.
सीढ़ियां चढ़ते समय अचानक बिगड़ी तबीयत
बताया जा रहा है कि फूल सिंह मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 900 सीढ़ियां चढ़ रहे थे. रास्ते में एक स्थान पर वे पीछे छूटे परिजनों का इंतजार करने के लिए रुके थे. इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे मंदिर के पास ही बेहोश होकर गिर पड़े.
घटना होते ही वहां मौजूद मंदिर के पंडा और स्थानीय लोगों ने मदद की कोशिश की. परिजनों ने भी आसपास के श्रद्धालुओं को बुलाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. प्राथमिक प्रयासों के बावजूद फूल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई.
मंदिर परिसर में मची अफरा-तफरी
श्रद्धालु की मौत की खबर फैलते ही मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. दर्शन के लिए पहुंचे लोग सहम गए और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया. सूचना मिलते ही कुदरगढ़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई की और आगे की जांच शुरू की. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.
हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही
प्राथमिक जांच में पुलिस अधिकारियों ने भीषण गर्मी और चढ़ाई के दौरान चक्कर आने से हार्ट अटैक की आशंका जताई है. एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैकरा के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी.
10 दिनों में दूसरी मौत, व्यवस्थाओं पर सवाल
सबसे चिंताजनक बात यह है कि पिछले 10 दिनों के भीतर कुदरगढ़ धाम में यह दूसरी मौत है. इससे पहले एक 19 वर्षीय युवक की गिरने से जान चली गई थी. इसके बावजूद धाम परिसर में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा, एंबुलेंस या आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था अब तक नजर नहीं आ रही है.
रोपवे की मांग फिर उठी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए वर्षों से कुदरगढ़ धाम में रोपवे लगाने की मांग होती रही है. कई बार इसकी घोषणाएं भी हुईं, लेकिन यह योजना अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है. तेज गर्मी के बीच सैकड़ों सीढ़ियां चढ़कर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग बेहद कठिन साबित हो रहा है. ऐसे में मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी पुख्ता व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.