Khallari Ropeway Accident: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी रोप-वे हादसे में बड़ा एक्शन लिया गया है. प्रशासन के निर्देश पर रोप-वे संचालक कंपनी रोप-वे एंड रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता और उसके स्थानीय कर्मचारियों बीरबल जंघेल और रामेश्वर यादव के खिलाफ थाना खल्लारी में FIR दर्ज की गई है.
22 मार्च की सुबह हुए रोप-वे हादसा केस में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 173 के तहत सेक्शन 289 और 125 (a) में मुकदमा दर्ज किया गया है. FIR मां खल्लारी देवी ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई है.
CM के निर्देश पर जांच शुरू
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए हैं और साफ कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. प्रशासन ने भी हादसे की प्रशासनिक जांच शुरू कर दी है, जिसमें रोप-वे की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जा रही है.
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा रविवार सुबह करीब 10:30 बजे खल्लारी माता मंदिर की पहाड़ी पर हुआ. जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालुओं को नीचे ला रही रोप-वे ट्रॉली का केबल टूट गया, जिससे ट्रॉली करीब 200–300 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गई. पहाड़ी मंदिर करीब 1100 फीट ऊंचाई पर स्थित है, जहां पहुंचने के लिए श्रद्धालु रोप-वे या करीब 900 सीढ़ियों का सहारा लेते हैं.
एक महिला की मौत, कई घायल
इस हादसे में रायपुर निवासी आयुषी सतकार (28) की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं उनके पति समेत कई श्रद्धालु घायल हुए हैं. कुल 16 श्रद्धालु घायल बताए गए हैं. 8 घायलों को रायपुर रेफर किया गया. 8 को बागबाहरा CHC से प्राथमिक इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया है. घायलों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं.
नवरात्रि में हुआ बड़ा हादसा
खल्लारी रोप-वे हादसा नवरात्रि उत्सव के दौरान उस वक्त हुआ, जब खल्लारी माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए थे. हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई, जबकि ऊपर जा रही दूसरी ट्रॉली को तत्काल सुरक्षित नीचे उतारा गया. गौरतलब है कि पिछले वर्ष राजनांदगांव जिले में भी बमलेश्वरी देवी मंदिर के पास रोप-वे ट्रॉली गिरने की घटना सामने आई थी, जिसमें एक भाजपा नेता घायल हुए थे.
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