Anti Naxal Operation: 31 मार्च 2026 से पहले छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के सफाए के लिए सुरक्षाबल के जवानों ने कमर कस लिया है. इसी कड़ी में सुरक्षाबलों ने अबूझमाड़ में नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार शुरू कर दिया है. इसी सिलसिले में नारायणपुर पुलिस ने अबूझमाड़ के 'बोटेर' में साल 2026 का छठा सुरक्षा और जन सुविधा कैंप सफलतापूर्वक स्थापित किया है.
यह वही बोटेर इलाका है, जहां DRG ने नक्सलियों के अंतिम महासचिव बसवा राजू उर्फ नंबला केशव राव को मार गिराया था. बसवा राजू की मौत को नक्सलवाद के खात्मे का 'टर्निंग पॉइंट' माना जा रहा है. अब माड़ में कोई बड़ा नक्सली नेता सक्रिय नहीं है. बोटेर कैंप के जरिए अब ओरछा से बीजापुर के भैरमगढ़ तक सीधी सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी.
विकास को मिलेगी रफ्तार
आईजी पी. सुंदरराज और एसपी रोबिनसन गुरिया के नेतृत्व में सुरक्षाबल 'नक्सल मुक्त बस्तर' की कल्पना को साकार करने की ओर बढ़ रहे हैं. इस मिशन में नारायणपुर पुलिस, DRG, बस्तर फाइटर्स और ITBP की 6 अलग-अलग वाहिनियों ने मुख्य भूमिका निभाई. ऐसी आशा है कि कैंप स्थापना से वेरकोटी, नीचेवारा और गुंडेकोट जैसे अंदरूनी गांवों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क पहुंचेगा.
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साल 2025 में कुतुल सहित 25 कैंपों के बाद, 2026 में अब तक जटवर और आदनार समेत 6 नए कैंप खोले जा चुके हैं. दशकों से अछूते रहे अबूझमाड़ के इस क्षेत्र में अब नक्सलियों की जगह विकास का शासन होगा, नारायणपुर पुलिस का दावा है कि अबूझमाड़ में माओवादी संगठन अब पूरी तरह से खात्मे के कगार पर है.
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