Chhattisgarh Police Corruption: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस महकमे की छवि को झटका देने वाला मामला सामने आया है. डोंगरगढ़ थाना परिसर के भीतर कथित तौर पर रिश्वत लेने और ड्यूटी के दौरान अशोभनीय आचरण से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. वायरल वीडियो में एक आरक्षक को पैसे लेते हुए और एक एएसआई को मोबाइल पर महिला की तस्वीर देखते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है. मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. हालांकि NDTV वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आपत्तिजनक वीडियो
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब डोंगरगढ़ थाना परिसर के भीतर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो में एक वर्दीधारी कॉन्स्टेबल को 100-100 रुपये के नोट लेते और उन्हें अपनी जेब में रखते हुए देखा जा रहा है. वहीं सामने बैठे एएसआई को मोबाइल फोन पर एक महिला की तस्वीर को जूम कर देखते हुए दिखाया जा रहा है. वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन पर सवाल उठने लगे और आमजन में नाराजगी देखने को मिली.

Chhattisgarh Police Corruption: राजनांदगांव दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
अशोभनीय आचरण और पुलिस छवि खराब करने का आरोप
पुलिस विभाग का कहना है कि ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी में न रहना और इस तरह का व्यवहार पुलिस आचरण संहिता का उल्लंघन है. प्राथमिक तौर पर वीडियो में दिख रहे कृत्य को अशोभनीय आचरण की श्रेणी में माना गया है, जिससे पुलिस की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है. इसी आधार पर विभागीय कार्रवाई को आवश्यक माना गया.
SP अंकिता शर्मा ने लिया कड़ा फैसला
मामले की जानकारी सामने आने के बाद राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बिना देरी किए दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया. एसपी ने आदेश जारी कर डोंगरगढ़ थाने में पदस्थ उप निरीक्षक (एएसआई) रोहित खूंटे और आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. साथ ही दोनों को रक्षित केंद्र राजनांदगांव में लाइन अटैच कर दिया गया है.
किस पर क्या आरोप?
पुलिस विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, एएसआई रोहित खूंटे पर ड्यूटी के दौरान निर्धारित गणवेश में न रहने और अशोभनीय आचरण कर पुलिस की छवि खराब करने का आरोप है. वहीं आरक्षक लक्ष्मी शंकर कंवर पर थाना परिसर के भीतर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया गया है. वायरल वीडियो में कोर्ट में चालान पेश करने, जमानत और समझौते से जुड़ी बातचीत के संकेत भी मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि पूरे मामले की पुष्टि अभी होना बाकी है.
जांच पूरी होने तक कई सवाल
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पैसे किस उद्देश्य से लिए जा रहे थे और बातचीत किस संदर्भ में हो रही थी. जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी.
मुख्यालय छोड़ने पर रोक
निलंबन के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को रक्षित केंद्र में लाइन अटैच किया गया है. आदेश के मुताबिक, वे एसपी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे. आगे की विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई तय की जाएगी.
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस घटना के सामने आने के बाद राजनांदगांव पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है. वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं और यह संदेश दिया गया है कि अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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