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पद्मश्री फूलबासन बाई यादव अपहरण केस: 'दूसरी फूलबासन' बनने के चक्कर में महिला ने ही रची पूरी प्लानिंग!

Phoolbasan Bai Yadav: छत्तीसगढ़ की मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के अपहरण मामले में राजनांदगांव पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. IPS Ankita Sharma के अनुसार पुलिस ने मुख्य आरोपी खुशबू साहू समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फूलबासन बाई की तरह बनने और अपने समूह का विस्तार करने के लिए इस वारदात को अंजाम दे रहे थे.

पद्मश्री फूलबासन बाई यादव अपहरण केस का खुलासा करतीं राजनांदगांव एसपी IPS अंक‍िता शर्मा.
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Phoolbasan Bai Yadav: छत्तीसगढ़ में पद्मश्री फूलबासन बाई यादव अपहरण मामले का राजनांदगांव पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पूरे मामले का विवरण देते हुए पुलिस ने अपहरण की घटना को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में दो महिला और तीन पुरुष शामिल हैं. इनमें से चार आरोपी बेमेतरा जिले के और एक दुर्ग जिले का रहने वाला है. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन और अन्य सामान भी जब्त कर लिया है.

राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक IPS अंकिता शर्मा के अनुसार, यह पूरा मामला जिले के सुकुलदैहान चौकी क्षेत्र के ग्राम सुकुलदैहान का है. 5 मई को फूलबासन यादव को उनके घर से ही अगवा कर आरोपी अपने वाहन में ले जा रहे थे. इसी दौरान गठुला रोड के पास ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और चेकिंग की वजह से फूलबासन बाई की पहचान हो सकी और सभी आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया गया.

पुलिस ने इस मामले में जिन 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम खुशबू साहू, सलोनी महेश्वरी, दिनेश बंजारे, गोपाल खेलवार और चिनक राम साहू हैं. मुख्य आरोपी खुशबू साहू पूर्व में फूलबासन बाई यादव की परिचित रही है और स्व-सहायता समूह के नाम पर लगातार उनसे मिलती रहती थी. 

chhattisgarh rajnandgaon padma shri phoolbasan bai yadav kidnapping case 

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Photo Credit: NDTV

आखिर क्यों किया अपहरण?

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी खुशबू साहू बेमेतरा में स्व-सहायता समूह चलाती है और वह भी पद्मश्री फूलबासन बाई की तरह बड़ी शख्सियत बनना चाहती थी. वह चाहती थी कि वह फूलबासन बाई के जरिए कुछ ऐसी महिलाओं को अपने साथ जोड़ ले जिससे उसके समूह का विस्तार हो सके. इसी सनक और लालच में उसने किडनैपिंग की योजना बनाई, जिसे पुलिस की सजगता से विफल कर दिया गया. फिलहाल, पद्मश्री फूलबासन बाई यादव की सुरक्षा को देखते हुए उनके साथ एक पुलिसकर्मी तैनात कर दिया गया है.

कौन हैं फूलबासन बाई यादव?

फूलबासन बाई यादव को भारत सरकार ने साल 2012 में उन्हें चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'पद्म श्री' से सम्मानित किया था. वे विजन इंडिया फाउंडेशन की मार्गदर्शक भी हैं. फूलबासन बाई बॉलीवुड अभिनेत्री रेणुका शाहणे के साथ 'कौन बनेगा करोड़पति' (सीजन 12) के कर्मवीर स्पेशल एपिसोड में भी नजर आ चुकी हैं. उनकी शादी बचपन में महज 10 वर्ष की आयु में हो गई थी और उन्होंने केवल सातवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है. 

फूलबासन बाई यादव  का जन्म 5 दिसंबर 1969 को राजनांदगांव जिले के गांव सुकुलदैहान में हुआ था. वे एक विख्यात भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता और गैर-सरकारी संगठन 'मां बमलेश्वरी जनहित कार्य समिति' की संस्थापक हैं. छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ी महिलाओं के विकास के लिए किए गए उनके अतुलनीय प्रयासों के लिए उन्हें जाना जाता है. 

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