
BJP leader Ratan Dubey murder case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ भाजपा नेता रतन दुबे की हत्या मामले में सीपीआई (माओवादी) के तीन और कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया.
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष दाखिल पूरक आरोप पत्र में तीनों- सैनूराम कोरम, लालूराम कोरम और एक सशस्त्र कार्यकर्ता - पर भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
चार्जशीट में क्या है?
एनआईए द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि आरोपी दुबे की हत्या की आपराधिक साजिश में सक्रिय रूप से शामिल पाए गए. सैनूराम कोरम और लालूराम कोरम को 27 जून को गिरफ्तार किया गया था. दुबे की 4 नवंबर, 2023 को कौशलनार गांव में भीड़भाड़ वाले साप्ताहिक बाजार में चुनाव प्रचार के दौरान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) के सदस्यों ने कुल्हाड़ियों से हत्या कर दी थी.
क्या था टारगेट किलिंग का उद्देश्य?
बयान में कहा गया है कि टारगेट किलिंग का उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को बाधित करना और स्थानीय लोगों में आतंक फैलाना था. एनआईए की जांच में सीपीआई (माओवादी) के तहत काम करने वाले पूर्वी बस्तर डिवीजन के बयानार एरिया कमेटी और बारसूर एरिया कमेटी के सदस्यों की भूमिका और संलिप्तता स्थापित हुई थी. एजेंसी ने स्थानीय पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद 23 फरवरी, 2024 को मामला दर्ज किया. 5 जून को एनआईए ने एक आरोपी धन सिंह कोरम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया.
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