
Naxalite commander Hidma: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 15 दिसंबर को बस्तर आएंगे. इस दौरान शाह नक्सलियों के गढ़ में रात बिताएंगे. इसके अलावा हिड़मा के गांव में कुछ ग्रामीणों के घर TV लगाई गई है, जिसपर ग्रामीण अमित शाह को लाइव सुनेंगे. ऐसे में यहां जानते हैं कि कौन है खूंखार नक्सली हिड़मा?
1996 में नक्सलियों से जुड़ा था हिड़मा
बता दें कि खूंखार नक्सली हिड़मा नक्सलियों का कमांडर है और इस पर 40 लाख का इनाम घोषित है. हिड़मा का जन्म दक्षिण सुकमा के पुवार्ती गांव में हुआ था और वो बीजापुर के स्थानीय जनजाति से संबंध रखता है. वहीं हिड़मा का पूरा नाम माडवी हिड़मा है. जानकारी के अनुसार, माडवी हिड़मा साल 1996 में नक्सलियों से जुड़ा था.
हिड़मा नक्सलियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PGLA) बटालियन-1 का हेड है. इसके अलावा माओवादी स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZ) का सदस्य भी है. साथ ही सीपीआई की 21 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी का सदस्य है. इसने सुरक्षा बलों के खिलाफ अभियानों के लिए जाना जाता है.
कैसे खूंखार हुआ हिड़मा?
नक्सल कमांडर माडवी हिड़मा साल 2013 के झीरम घाटी नरसंहार से खूंखार हुआ. दरअसल, हिंड़मा ने कांग्रेस के काफिले पर हमला करवाया था. इस हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा और पूर्व विधायक उदय मुदलियार सहित 27 लोग की जान चल गई थी. इसके बाद अप्रैल 2017 के बुर्कापाल हमले का भी मास्टरमाइंड हिड़मा ही था, जिसमें 24 लोग मारे गए थे. इन घटनाओं के बाद हिड़मा पर 40 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
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कैसे हिड़मा बना नक्सलियों का कमांडर?
हिड़मा ज्यादातर दक्षिण सुकमा क्षेत्र में रहता है और वो हमेशा चार स्तरीय सुरक्षा घेरा में चलता है. हिड़मा के के पास 150 से अधिक कमांडर हैं. बता दें कि साल 2019 में रावुला श्रीनिवास रमन्ना की मौत के बाद हिड़मा को नक्सलियों का कमांडर बना बनाया गया था.
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