विज्ञापन
Story ProgressBack

Loksabha Eelction Results: बड़े चेहरे का दांव BJP -कांग्रेस पर पड़ा भारी ! बाहरी प्रत्याश‍ियों को स्थानीय जनता ने नकारा  

Loksabha Election Result : छत्तीसगढ़ में इस बार अपने गृह क्षेत्र से बाहर जाकर चुनाव लड़ना कांग्रेस और बीजेपी के दिग्गजों को भारी पड़ गया. इन्हें हार का सामना करना  पड़ा है. 

Read Time: 3 mins
Loksabha Eelction Results: बड़े चेहरे का दांव BJP -कांग्रेस पर पड़ा भारी ! बाहरी प्रत्याश‍ियों को स्थानीय जनता ने नकारा  

Loksabha Election Results 2024: लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में 11 सीटों में से BJP ने 10 सीटों पर जीत का झंडा बुलंद किया है. इस चुनाव में सबसे दिलचस्प पहलू 4 प्रमुख नेताओं की हार रहा, जिन्होंने अपने गृह जिलों से बाहर जाकर चुनाव लड़ा. उनकी वहां एक नहीं चल पाई और जनता ने उन्हें नकार दिया. इन दिग्गजों में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, और बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय. इन नेताओं की हार ने साबित किया कि बड़े चेहरे की बजाय जनता स्थानीय को स्थानीय नेता रास आता है.

ये रहा कारण 

बता दें कि बीजेपी हो या कांग्रेस, ये चारों नेता दुर्ग जिले में सक्रिय रहे हैं और यहीं से राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं. उम्मीद की जा रही थी कि बड़े चेहरे का फैक्टर काम करेगा. इसके विपरीत स्थानीय जनता ने स्पष्ट रूप से बाहरी प्रत्याशियों को नकार दिया.

Latest and Breaking News on NDTV

राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि मतदाता सोचते हैं कि बाहरी नेता उनके स्थानीय मुद्दों और समस्याओं को समझने और हल करने में सक्षम नहीं होते हैं. इस चुनाव का परिणाम स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवार की बहस को और भी प्रासंगिक बना दिया है.

ये भी पढ़ें Loksabha Election Resullt: चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के पूर्व मंत्री कवासी लखमा की बिगड़ी तबियत, अभी ऐसी है हालत

संपर्क की कमी और प्राथमिकता का सवाल

बाहरी प्रत्याशी अक्सर मतदाताओं के साथ सीधे संपर्क में नहीं रह पाते हैं, जिससे उनके चुनावी अभियान कमजोर पड़ जाते हैं. स्थानीय नेताओं के पास जनसमर्थन होता है और वे जनता के बीच में रहकर उनके मुद्दों को सुनते और हल करते हैं. इस कारण बाहरी प्रत्याशी अपनी बात मतदाताओं तक पहुंचाने में विफल हो जाते हैं. हालांकि ज्योत्सना महंत भी सीधे तौर पर स्थानीय नहीं हैं, लेकिन उनके पति व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत यहां पहले से ही जमीन तैयार करते रहे हैं और पूर्व में यहां से सांसद रह चुके हैं. जबकि सरोज स्थानीय जनता के लिए नई थीं. दूसरा सवाल प्राथमिकता का है. जनता सोचती है कि स्थानीय नेता उनकी समस्याओं को समझते हैं और सीधे संपर्क में रहते हैं. बाहरी प्रत्याशियों के पास ऐसा कनेक्शन और समझ नहीं होती, जो स्थानीय नेताओं की होती है.

ये भी पढ़ें Loksabha Election Results : एमपी- छत्तीसगढ़ के इन नेताओं का केंद्र में बढ़ेगा वजन ! मंत्री की रेस में ये हैं सबसे आगे

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
NDTV Madhya Pradesh Chhattisgarh
डार्क मोड/लाइट मोड पर जाएं
Our Offerings: NDTV
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • इंडिया
  • मराठी
  • 24X7
Choose Your Destination
Previous Article
Chhattisgarh: सीएएफ जवानों की गाड़ी का ब्रेक फेल, खाई में गिरने से दो की मौत 
Loksabha Eelction Results: बड़े चेहरे का दांव BJP -कांग्रेस पर पड़ा भारी ! बाहरी प्रत्याश‍ियों को स्थानीय जनता ने नकारा  
In the case of wife relationship with another man Chhattisgarh High Court considered the husband entitled to divorce High Court made an important comment
Next Article
CG High Court: पत्नी का गैर मर्द से संबंध मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पति को माना तलाक का हकदार
Close
;