Chhattisgarh Elephant Attack: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में एक दंतैल जंगली हाथी ने रिहायशी इलाके में भारी उत्पात मचाया है. बीते दो दिनों में हाथी ने आठ घरों को तोड़कर नुकसान पहुंचाया. इस दौरान घरों में रखे टीवी और अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो गए. गनीमत रही कि एक घर में सो रही मां-बेटी हाथी की चपेट में आने से बाल-बाल बच गईं.
नारायणपुर गांव में पहली घटना
पहली घटना नारायणपुर गांव की है, जहां हाथी ने चार घरों को निशाना बनाया. घरों की दीवारें और छतें तोड़ दी गईं. घरों में रखे टीवी और अन्य घरेलू सामान भी हाथी ने नष्ट कर दिए. ग्रामीणों में इस घटना से दहशत फैल गई. बीती रात हाथी सुसडेगा गांव पहुंचा और वहां भी चार घरों को नुकसान पहुंचाया. इस दौरान हाथी ने घरों में रखा धान खा लिया और कई उपकरणों को तोड़ दिया. इस घटना में भी लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ा.
मां-बेटी बाल-बाल बचीं
सुसडेगा गांव की घटना में एक घर में मां-बेटी सो रही थीं. हाथी ने घर को तोड़ दिया, लेकिन वे किसी तरह बच गईं. यह घटना बेहद भयावह थी और ग्रामीणों के लिए डरावनी याद बन गई. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. रेंजर कृपा सिंधु पैंकरा ने बताया कि हाथी ने कुल आठ घरों को नुकसान पहुंचाया है. फिलहाल क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर दो हाथी विचरण कर रहे हैं.
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लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है. ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने और सतर्कता बरतने की हिदायत दी जा रही है. विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हाथियों की निगरानी कर रहा है. वन विभाग ने कहा कि प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाएगा. नुकसान का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता मिल सके.
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