IPL Betting 2026 Raid: IPL 2026 की शुरुआत के साथ ही ऑनलाइन सट्टेबाजी पर शिकंजा कसते हुए महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने IPL मैचों पर चल रहे ऑनलाइन सट्टे के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य मास्टर माइंड समेत 6 सटोरियों को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई में करीब ढाई करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. पुलिस की इस कार्रवाई से सट्टेबाजों में हड़कंप मच गया है.
महासमुंद पुलिस ने जुआ और ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की. पुलिस का कहना है कि IPL शुरू होते ही ऑनलाइन सट्टेबाजी का अवैध कारोबार तेज हो जाता है, लेकिन इस बार सटोरियों की चालाकी काम नहीं आई. लगातार निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई.
6 सटोरिए गिरफ्तार, रायपुर और बेमेतरा से धरपकड़
गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों में से 5 रायपुर के रहने वाले हैं, जबकि 1 आरोपी बेमेतरा जिले का निवासी है. पुलिस ने इन्हें रायपुर और बेमेतरा से अलग‑अलग जगहों पर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य मास्टर माइंड निशांत नागवानी (34 वर्ष), निवासी रायपुर भी शामिल है, जो पूरे ऑनलाइन पैनल को ऑपरेट करता था.
पहले भी पकड़े गए थे 6 आरोपी, जांच में खुला बड़ा नेटवर्क
महासमुंद पुलिस ने इससे पहले 8 अप्रैल 2026 को बाबा फैमिली ढाबा, घोड़ारी के पास से 6 आरोपियों को ‘पॉवर एक्स' व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ऑनलाइन सट्टा खेलते और खिलाते हुए गिरफ्तार किया था. इन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था. इसी मामले की आगे जांच और तकनीकी विश्लेषण में मुख्य मास्टर माइंड और अन्य सटोरियों की भूमिका सामने आई.
1.15 करोड़ की सट्टा पट्टी और इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 करोड़ 15 लाख रुपये की सट्टा पट्टी के अलावा 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 13 टच स्क्रीन मोबाइल और 9 की-पैड मोबाइल फोन जब्त किए हैं. कुल जब्त संपत्ति की कीमत करीब 2 करोड़ 46 लाख 400 रुपये आंकी गई है. जांच में सामने आया है कि आरोपी IPL मैचों पर ऑनलाइन पैनल के जरिए सट्टा खिलाते थे. इसके लिए ‘पॉवर एक्स' नाम के व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया जाता था. आरोपी जगह‑जगह ठिकाने बदलकर छिपते हुए यह अवैध कारोबार चला रहे थे, ताकि पुलिस को चकमा दिया जा सके.
मास्टर माइंड निशांत नागवानी की अहम भूमिका
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य सरगना निशांत नागवानी ऑनलाइन पैनल को ऑपरेट करता था. वह अन्य सटोरियों को आईडी बेचता और सट्टे की रकम का वितरण व नियंत्रण करता था. इसी के जरिए पूरे नेटवर्क को रेगुलेट किया जा रहा था. महासमुंद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ एक्ट की धारा 6 और 7 के साथ-साथ आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है.
पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी युवाओं को बर्बाद कर रही है, और इस तरह की गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. महासमुंद पुलिस ने साफ किया है कि IPL के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी पर पूरी नजर रखी जा रही है.