विज्ञापन

Holi 2026: अबूझमाड़ का हर्बल गुलाल; नारायणपुर की महिलाओं की पहल से सेफ होगी होली, बिखरेंगे प्राकृतिक रंग

Holi 2026: अब यह गुलाल सिर्फ नारायणपुर ही नहीं, बल्कि रायपुर, जगदलपुर और अन्य शहरों में भी पहुँच रहा है. यह पहल एक छोटे से स्टार्टअप से बढ़कर आज बड़ा व्यवसाय बन चुकी है और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का आधार बनी हुई है.

Holi 2026: अबूझमाड़ का हर्बल गुलाल; नारायणपुर की महिलाओं की पहल से सेफ होगी होली, बिखरेंगे प्राकृतिक रंग
Holi 2026: अबूझमाड़ का हर्बल गुलाल; नारायणपुर की महिलाओं की पहल से सेफ होगी होली, बिखरेंगे प्राकृतिक रंग

Holi 2026 Herbal Gulal:  छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के जंगलों से निकला प्राकृतिक हर्बल गुलाल इस बार होली (Holi) में शहरों की रौनक बन रहा है. नारायणपुर जिले की महिला स्वयं सहायता समूह ने कृषि विज्ञान केंद्र, नारायणपुर के मार्गदर्शन में ऐसा गुलाल (Herbal Gulal) तैयार किया है, जो न केवल पूरी तरह प्राकृतिक है, बल्कि त्वचा और आँखों के लिए भी सुरक्षित है. रासायनिक गुलाल के कारण हर वर्ष त्वचा में खुजली, आँखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएँ सामने आती रही हैं. ऐसे में ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार यह हर्बल गुलाल न केवल स्वास्थ्य का ध्यान रखता है, बल्कि आत्मनिर्भरता का भी मजबूत संदेश देता है.

Holi 2026: हर्बल गुलाल की पैकिंग करती महिलाएं

Holi 2026: हर्बल गुलाल की पैकिंग करती महिलाएं

रासायनिक रंगों से परेशान ग्रामीणों ने खोजा समाधान

कुछ वर्ष पहले बाजार से आने वाले रासायनिक गुलाल ने नारायणपुर के ग्रामीण इलाकों में कई स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कीं. बढ़ती शिकायतों के बाद गाँव की महिलाएँ समाधान की तलाश में कृषि विज्ञान केंद्र, नारायणपुर पहुँचीं. वहाँ प्रमुख वैज्ञानिक देवेंदु दास ने उन्हें बताया कि बाजारू रंगों में उपयोग होने वाले रसायन त्वचा और आँखों के लिए हानिकारक होते हैं. महिलाओं ने सवाल उठाया-क्यों न ऐसा गुलाल बनाया जाए जो सुरक्षित भी हो और पारंपरिक भी? इसी विचार से शुरू हुआ हर्बल गुलाल बनाने का सफर. कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह बनाया और प्राकृतिक सामग्रियों से रंग तैयार करने की तकनीक सीखी.

Holi 2026: हर्बल गुलाल बनाने की तैयारी

Holi 2026: हर्बल गुलाल बनाने की तैयारी

नारायणपुर से रायपुर-जगदलपुर तक बढ़ी मांग

शुरुआत में महिलाओं ने केवल गाँव के उपयोग के लिए 1 टन गुलाल बनाया. लेकिन इसकी खुशबू, गुणवत्ता और सुरक्षित उपयोग के कारण इसकी मांग तेजी से बढ़ी. आज यह समूह 8 टन तक उत्पादन कर रहा है. अब यह गुलाल सिर्फ नारायणपुर ही नहीं, बल्कि रायपुर, जगदलपुर और अन्य शहरों में भी पहुँच रहा है. यह पहल एक छोटे से स्टार्टअप से बढ़कर आज बड़ा व्यवसाय बन चुकी है और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का आधार बनी हुई है.

कैसे बनता है प्राकृतिक हर्बल गुलाल?

फूलों, पत्तियों और कंदों से रंग निकाला जाता है. महिलाएँ अलग-अलग रंगों के लिए प्राकृतिक स्रोतों का चयन करती हैं जैसे:

  • पीला रंग: हल्दी
  • नीला रंग: अपराजिता के फूल
  • हरा रंग: सेम और पालक के पत्ते
  • गुलाबी रंग: पलाश के फूल
  • लाल रंग: चुकंदर
  • खुशबू: गुलाब की पंखुड़ियाँ

सभी सामग्री कृषि विज्ञान केंद्र और आसपास के इलाकों से एकत्र की जाती है. फूल-पत्तियों को पीसकर रस निकाला जाता है और फिर इस प्राकृतिक रंग को अरारोट पाउडर में मिलाकर हाथ से रगड़कर गुलाल तैयार किया जाता है. इसके बाद पैकिंग कर शहरों और बाजारों में भेजा जाता है. महिलाओं का दावा है कि यह गुलाल न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि कई मामलों में त्वचा के लिए लाभदायक भी है.

Holi 2026: हर्बल गुलाल की पैकिंग

Holi 2026: हर्बल गुलाल की पैकिंग

महिला सशक्तिकरण की मिसाल : घर तक सीमित रहने वाली महिलाएं बनीं उद्यमी

जो महिलाएं पहले केवल गृहकार्य तक सीमित थीं, आज वे आत्मनिर्भर उद्यमी बन चुकी हैं. वे अपने उत्पादों को शहरों तक बेच रही हैं और परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं. हर्बल गुलाल का यह प्रयास स्वास्थ्य सुरक्षा, आर्थिक स्वावलंबन और ग्रामीण नवाचार, तीनों का मजबूत उदाहरण बन गया है.

इस होली प्राकृतिक रंगों का संदेश

अबूझमाड़ का हर्बल गुलाल स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन कर उभर रहा है. इस वर्ष जब बाजार रंगों से भर जाएगा, तब अबूझमाड़ के जंगलों से निकला यह प्राकृतिक गुलाल उपभोक्ताओं को एक बेहतर विकल्प प्रदान करता है. एक ऐसा रंग जो ना सिर्फ त्वचा के लिए सुरक्षित है, बल्कि महिलाओं की मेहनत, प्रकृति की खुशबू और स्वच्छ होली का संदेश भी समेटे हुए है.

यह भी पढ़ें : Holi Special Train 2026: होली पर यात्रियों को राहत; 1410 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी; MP-CG के यात्रियों को भी फायदा

यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Dhan Kharidi: होली से पहले धान किसानों को सौगात; इतने करोड़ की राशि का होगा एकमुश्त भुगतान

यह भी पढ़ें : MP Excise Policy 2026-27: शराब की कोई नई दुकान नहीं खुलेगी; मोहन सरकार ने आबकारी नीति में लिये ये निर्णय

यह भी पढ़ें : India AI Impact Summit: गूगल के स्टॉल पर CM मोहन यादव ने थामा बल्ला; NDTV से AI क्रिकेट कोच तकनीक पर ये कहा

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close