विज्ञापन
This Article is From Feb 18, 2026

रमजान का चांद नजर आते ही शुरू हुए रोजे, जानिए 13 घंटे के रोजे और तरावीह की नमाज का महत्व

देश के कई हिस्सों में रमजान का चांद नजर आने के साथ ही रोजों की शुरुआत हो गई है. लगभग 13 घंटे के रोजे के दौरान सहरी और इफ्तार का विशेष महत्व रहता है. पूरे महीने तरावीह की नमाज अदा की जाती है और इबादत का सवाब 70 गुना बढ़ने की मान्यता है. रमजान के बाद ईद उल फितर का त्योहार मनाया जाता है. 

रमजान का चांद नजर आते ही शुरू हुए रोजे, जानिए 13 घंटे के रोजे और तरावीह की नमाज का महत्व

देश के कई हिस्सों में बुधवार देर शाम रमजान का चांद नजर आ गया. चांद दिखते ही मुस्लिम समाज में खुशी की लहर दौड़ गई. मगरिब की नमाज के बाद लोग बेसब्री से चांद का इंतजार कर रहे थे. जैसे ही चांद कुछ पलों के लिए दिखाई दिया, मस्जिदों से आधिकारिक ऐलान किया गया और चांद देखने की दुआ पढ़ी गई. इसके साथ ही एक महीने तक चलने वाली तरावीह की 20 रकात की विशेष नमाज की शुरुआत भी हो गई.

बाजारों में दिखी खास रौनक

चांद के ऐलान के बाद अगले दिन के रोजे की तैयारी के लिए बाजारों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली. दूध, खजूर, तोश, नान, शीरमाल और अन्य खमीरी रोटियों की दुकानों पर खास रौनक रही. लोगों ने सहरी और इफ्तार के लिए जरूरी सामान की जमकर खरीदारी की.

लगभग 13 घंटे का रहेगा रोजा

रमजान के पूरे महीने रोजेदार सुबह लगभग 5:30 बजे से पहले तक सहरी करते हैं. सहरी का समय समाप्त होते ही रोजा शुरू हो जाता है, जो करीब 13 घंटे तक चलता है. शाम लगभग 6:30 बजे मगरिब की अजान के साथ रोजा खोला जाता है. इस दौरान खाने-पीने से परहेज किया जाता है और नमाज व इबादत का विशेष महत्व रहता है. मगरिब के समय इफ्तार किया जाता है, जिसके बाद सहरी तक खाने-पीने की अनुमति रहती है.

इबादत का बढ़ जाता है 70 गुना सवाब

इस्लामी मान्यताओं के अनुसार Ramadan बेहद पाक और बरकतों का महीना है. माना जाता है कि इस दौरान की गई इबादत का सवाब 70 गुना तक बढ़ा दिया जाता है. यह भी मान्यता है कि इस महीने शैतान को कैद कर दिया जाता है, जिससे बंदे को इबादत में आसानी हो. इफ्तार के समय फल और ड्राई फ्रूट्स का विशेष महत्व होता है. कई लोग मस्जिदों में इफ्तारी भिजवाते हैं, जहां रोजेदार सामूहिक रूप से रोजा खोलते हैं.

रमजान के बाद ईद का तोहफा

एक महीने की इबादत और रोजों के बाद मुसलमान Eid al-Fitr मनाते हैं, जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है. मान्यता है कि पूरे महीने सच्चे मन से रोजे रखने और इबादत करने वालों को ईद के दिन अल्लाह की ओर से इनाम और रहमत मिलती है. यह दिन खुशी, भाईचारे और आपसी मोहब्बत का संदेश देता है.
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close