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This Article is From Feb 20, 2026

भिंड-ग्वालियर NH 719 फोरलेन को लेकर घमासान: पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने जनप्रतिनिधियों को ठहराया जिम्मेदार

Bhind News: पूर्व विधायक ने नसीहत देते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधि ईमानदारी और साफ नियत से प्रयास करें तो फोरलेन हाईवे का काम जल्द शुरू हो सकता है. उन्होंने ढाई महीने में बायपास पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए इसे गंभीर विषय बताया.

भिंड-ग्वालियर NH 719 फोरलेन को लेकर घमासान: पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने जनप्रतिनिधियों को ठहराया जिम्मेदार

Bhind-Gwalior NH 719: भिंड-ग्वालियर NH 719 को फोरलेन बनाए जाने की मांग को लेकर जिले की राजनीति गरमा गई है. संजीव सिंह कुशवाह ने प्रेस वार्ता कर जिले के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि हाईवे परियोजना में हो रही देरी के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनभिज्ञता और अनदेखी जिम्मेदार है.

“ईमानदारी और अच्छी नियत से काम होगा तो बनेगा हाईवे”

पूर्व विधायक ने नसीहत देते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधि ईमानदारी और साफ नियत से प्रयास करें तो फोरलेन हाईवे का काम जल्द शुरू हो सकता है. उन्होंने ढाई महीने में बायपास पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए इसे गंभीर विषय बताया.

लागत बढ़ने पर उठाए सवाल

कुशवाह ने बताया कि वर्ष 2022 में बायपास चौड़ीकरण का प्रस्ताव Madhya Pradesh Road Development Corporation (MPRDC) को भेजा गया था, जिसकी अनुमानित लागत 35 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 90 करोड़ रुपये हो गई है. वहीं वर्तमान नेशनल हाईवे विकल्प की लागत लगभग 4 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है.

ग्रीनफील्ड हाईवे का विकल्प क्यों ठुकराया?

पूर्व विधायक के अनुसार, MPRDC की कंसल्टेंट एजेंसी ने ‘ग्रीनफील्ड हाईवे' का भी विकल्प दिया था, जिसकी लागत लगभग 1700 करोड़ रुपये आंकी गई थी. उन्होंने दावा किया कि आगरा-ग्वालियर के बीच ग्रीनफील्ड हाईवे बन रहा है, लेकिन भिंड जिले में इस विकल्प को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ग्रीनफील्ड हाईवे बनने से जिले का विकास होगा, जमीनों के दाम बढ़ेंगे और नए निवेश के अवसर पैदा होंगे. उनकी मानें तो कम लागत और बेहतर कनेक्टिविटी के बावजूद इस प्रस्ताव को नज़रअंदाज करना जिले के हित में नहीं है.

केंद्रीय मंत्री से मिलने की सलाह

पूर्व विधायक ने सुझाव दिया कि जिले के सभी जनप्रतिनिधि एकजुट होकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलें और ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दिलाने की मांग करें. उन्होंने कहा, 'अगर सभी विधायक, मंत्री और सांसद सही तथ्यों के साथ जाएंगे तो समाधान जरूर निकलेगा. नहीं तो वे स्वयं उनके साथ चलने को तैयार हैं.”

PNC कंपनी के अनुबंध का मुद्दा

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में PNC कंपनी का अनुबंध चल रहा है, जिससे कई तकनीकी और प्रशासनिक रुकावटें आ सकती हैं. ऐसे में नई सड़क का विकल्प तलाशना अधिक व्यावहारिक हो सकता है.

जनप्रतिनिधियों पर तंज

कुशवाह ने तंज कसते हुए कहा कि यदि वो राजनीतिक भावना से ऊपर उठकर ईमानदारी से प्रयास करें तो हाईवे परियोजना का रास्ता साफ हो सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सही निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाली पीढ़ी इसे बड़ा नुकसान मानेगी. भिंड-ग्वालियर हाईवे फोरलेन को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. देखना होगा कि जिले के जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या सभी मिलकर केंद्र सरकार से कोई ठोस पहल करते हैं.

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