Attack on Patrolling Police: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बदमाशों के हौंसले कितने बुलंद हैं, इसकी बानगी रविवार को देखने को मिली जब अवैध शराब की जब्ती से नाराज बदमाशों ने गश्त कर रहे पुलिस के जवानों पर जानलेवा हमला कर दिया. योजनाबद्ध तरीके से किए गए इस हमले से पुलिसकर्मी बिल्कुल अंजान थे. टांगिया और लाठी-डंडे से हमला में बदमाशों ने आरक्षकों को बुरी तरह मारा, जिससे तीनों बुरी तरह घायल हो गए.
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कोसमी द गांव में गश्त के लिए पहुंचे थे पेट्रोलिंग टीम के चार आरक्षक
मामला मैनपुर थाना क्षेत्र के कोसमी द गांव का है, जहां पेट्रोलिंग टीम के चार आरक्षक जांच के लिए पहुंचे थे. बताया जाता है कि पहले से पुलिसकर्मियों पर हमले की योजना बनाए बैठे बदमाशों ने चार आरक्षकों को घेर लिया और उन पर टांगिया और डंडों से हमला कर दिया, जिससे एक आरक्षक बुरी तरह से लहूलुहान हो गया. पुलिसकर्मियों पर हुआ यह हमला एक पुरानी रंजिश के चलते किया गया था.
पुरानी रंजिश के चलते बदमाशों ने आरक्षकों पर किया जानलेवा हमला
रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोलिंग टीम के चार आरक्षकों पर जानलेवा हमला एक पुरानी रंजिश के चलते किया गया. बताया जाता है कि दर्रीपारा कैंप में तैनात आरक्षक परमेश्वर नेताम, विमल लकड़ा और विनोद मनहर रविवार शाम को ग्राम भ्रमण पर निकले थे, जैसे ही पुलिस की टीम कोसमी द गांव पहुंची, आरोपी क्रमशः भैय्या लाल देवंशी, गोरेलाल, उत्तम और गोलू देवंशी ने घेरकर चारों आरक्षकों पर हमला कर दिया.
स्थानीयों ने पुलिसकर्मियों की जान बचाई, उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया
गौरतलब है स्थानीय ग्रामीणों ने जानलेवा हमले के शिकार हुए पुलिसकर्मियों की जान बचाई और उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया. डीएसपी गरिमा दादर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 296, 115(2), 351(3), 109, 121(1), 127(2), 221, 132 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि घायल पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है.
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