विज्ञापन
This Article is From Jan 30, 2026

चुनाव में जानकारी छिपाने का मामला: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज को दिया समय

Election Concealment Case: जनवरी 2026 में हुई ताज़ा सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को अवगत कराया गया कि याचिकाकर्ता पक्ष के 9 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि अब मामले में अगला चरण शुरू होगा, जिसमें प्रतिवादी सरोज पांडेय और उनके पक्ष के गवाहों की गवाही दर्ज की जाएगी.

चुनाव में जानकारी छिपाने का मामला: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज को दिया समय

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय से जुड़े एक अहम मामले पर सुनवाई जारी है. यह मामला वर्ष 2018 में हुए राज्यसभा चुनाव से संबंधित है, जिसकी वैधता को चुनौती देते हुए कांग्रेस नेता लेखराम साहू ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है. याचिका में चुनाव प्रक्रिया को गंभीर रूप से दोषपूर्ण बताया गया है.

नामांकन और शपथ पत्र में जानकारी छिपाने का आरोप

याचिकाकर्ता का आरोप है कि सरोज पांडेय ने अपने नामांकन पत्र और शपथ पत्र में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया. इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि चुनाव के दौरान कुछ ऐसे विधायकों को मतदान की अनुमति दी गई, जो नियमों और चुनाव कानूनों के तहत इसके पात्र नहीं थे. याचिका के अनुसार इन कथित अनियमितताओं का सीधा असर चुनाव परिणाम पर पड़ा.

हाईकोर्ट में अब तक की सुनवाई

जनवरी 2026 में हुई ताज़ा सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को अवगत कराया गया कि याचिकाकर्ता पक्ष के 9 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है. अदालत ने यह भी संकेत दिया कि अब मामले में अगला चरण शुरू होगा, जिसमें प्रतिवादी सरोज पांडेय और उनके पक्ष के गवाहों की गवाही दर्ज की जाएगी.

बचाव पक्ष को दस्तावेज़ पेश करने का अवसर

हाईकोर्ट ने सरोज पांडेय के पक्ष को शपथ पत्र और आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुनवाई चुनाव कानूनों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप निष्पक्ष रूप से की जाएगी.

राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से अहम मामला

यह मामला केवल एक चुनाव या एक नेता तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानूनी वैधता से जुड़ा हुआ है. यदि याचिका स्वीकार होती है, तो इसके दूरगामी राजनीतिक और कानूनी परिणाम हो सकते हैं.फिलहाल पूरे प्रदेश की निगाहें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं.

ये भी पढ़ें: पोराबाई नकल प्रकरण: CGBSE की फर्जी टॉपर को 18 साल बाद मिली सजा, किसी और से पेपर लिखवा कर हासिल किए थे 484 अंक

पूरी स्टोरी पढ़ें

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close