छत्तीसगढ़ सरकार की दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना (DDUBKMKY) महासमुंद जिले में लापरवाही का शिकार हो रही है. जहां पात्र हितग्राहियों के खातों में पैसा जाने के बजाय दूसरे खातों में ट्रांसफर हो रहा है. नतीजन लाभार्थी बैंक और जनपद कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं.
इसका ताजा उदाहरण महासमुंद जिले के मुस्की गांव से सामने आया. जहां रहने वालीं सुशीला निषाद, पति होरीलाल निषाद ने योजना में पंजीयन कराया और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, तुमगांव महासमुंद का खाता नंबर दिया. उनका पंजीयन क्रमांक 20220628002332 है. वह पात्र हितग्राही हैं. वर्ष 2024-25 के तहत सुशीला निषाद के खाते में 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, लेकिन यह राशि उनके खाते में आने के बजाय किसी अन्य सुशीला चन्द्राकर के पंजाब नेशनल बैंक खाते में भेज दी गई.
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एक खाते में जा रहा 18 लोगों का पैसा
हितग्राही ने जांच पड़ताल की तो तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया. पता चला कि सुशीला चन्द्राकर के खाते में 18 हितग्राहियों की राशि ट्रांसफर हो रही है. पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत जनपद के अधिकारियों से की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है. हितग्राही का कहना है कि उन्होंने तीन साल पहले पंजीयन कराया था, लेकिन आज तक एक भी किस्त नहीं मिली है.
महासमुंद में सबसे ज्यादा पात्र हितग्राही
बता दें कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना (DDUBKMKY) के तहत जिले में 35,226 पात्र हितग्राही हैं. महासमुंद जनपद में सबसे ज्यादा 9,528 हितग्राही हैं. अब एक खाते में 18 लोगों का पैसा जाने का मामला सामने आने से संभावना है कि और भी गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं. पूर्व जनपद सदस्य योगेश्वर चन्द्राकर ने इस मामले में जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए
इस मामले को लेकर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह से से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत मिली है. भू-अभिलेख शाखा के वाईसी को जांच के निर्देश दिए हैं. जांच में गड़बड़ी सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी.