छत्तीसगढ़ के बालोद में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने सुबह 6 बजे पैदल औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी. सफाई, अतिक्रमण, निर्माण और खाद्य सुरक्षा हर मोर्चे पर लापरवाही उजागर हुई. नगर में संचालित दूध गंगा में हालात सबसे खराब मिले, जहां गंदा नाली का पानी मिठाई फैक्ट्री में घुस रहा था और कीड़े तक पाए गए. जिसे देख कलेक्टर आगबबूला हो गई और दूध गंगा को तुरंत सील करने के आदेश दिए. साथ नोटिस जारी कर जुर्माना लगाने के भी निर्देश दिए. बिना पूर्व सूचना के किए गए इस निरीक्षण से नगर पालिका और अन्य विभागों में हड़कंप मच गया.
वहीं शहर भर में गंदगी को लेकर लोगों की शिकायतों पर कलेक्टर दिव्या ने नगर पालिका अधिकारियों को फटकार लगाई गई और तुरंत सुधार के निर्देश दिए. साथ ही बालोद-राजनांदगांव मार्ग पर चल रहे सौंदर्यीकरण के धीमे निर्माण कार्य पर भी कलेक्टर सख्त नजर आईं और पीडब्ल्यूडी विभाग को 20 अप्रैल तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया.
बता दें कि निरीक्षण के दौरान 'दूध गंगा' क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक पाई गई. यहां नालियों का गंदा पानी बह रहा था. वहीं एक मिठाई फैक्ट्री के भीतर नाली का गंदा पानी जाते देख कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने गहरी नाराजगी जताई. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल 'दूध गंगा' को सील करने का निर्देश जारी कर दिया.
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