Chhattisgarh stray cattle issue: छत्तीसगढ़ की सड़कों पर लगभग पौने दो लाख (1,84,993) गौवंश होने का खुलासा विधानसभा में एक सवाल के जवाब में हुआ है. बीजेपी सरकार के गौ संरक्षण दावों के बीच यह आंकड़ा चौंकाने वाला है. सरकार ने माना है कि फिलहाल सिर्फ तीन गौधाम संचालित हैं, जिनमें करीब 620 गायों को रखने की व्यवस्था है. इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है.
विधानसभा में स्वीकारे गए आंकड़े
सूरजपुर में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि प्रदेश में 1,84,993 घुमंतु गौवंश सड़कों पर घूम रहे हैं. साथ ही वर्तमान में तीन गौधाम संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 600–620 गाय रखने की है. सरकार के जवाब के बाहर आने के बाद, विपक्ष ने इसे जन‑सुरक्षा और पशु‑कल्याण से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया.
कांग्रेस ने कहा- गौठान बंद, खर्च शून्य का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि पूर्व सरकार के 10 हजार गौठान बंद कर दिए गए और अब गौधाम खोलने की बातें हो रही हैं. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि पिछले साल गौधामों पर कोई खर्च नहीं किया गया. कांग्रेस ने बीजेपी पर गौ तस्करों से संबंध और चंदा लेने जैसे आरोप लगाते हुए इसे चुनावी मुद्दा बना दिया है.
सड़क हादसों की भी चिंता
सड़कों पर बड़ी संख्या में गौवंश होने से हादसों का खतरा बढ़ा है. जानकारी के अनुसार, साल 2023 में प्रदेश में 13,468 सड़क हादसे हुए, जिनमें 6,166 मौतें दर्ज की गईं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे और शहरी इलाकों में रात के समय आवारा मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए तत्काल प्रभावी कदम जरूरी हैं.
प्रदेश में गौशालाओं का आंकड़ा
प्रदेश में फिलहाल 135 पंजीकृत और 54 अपंजीकृत मिलाकर कुल 189 गौशालाएं मौजूद हैं. सरकार ने वर्ष 2025 में गौशालाओं के लिए ₹19 करोड़ 22 लाख का प्रावधान किया है. विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक क्षमता‑वृद्धि, नियमित फंडिंग और पारदर्शी मॉनिटरिंग नहीं होगी, सड़क पर घूमते गौवंश की समस्या कम नहीं होगी.
बीजेपी ने किया व्यवस्था सुधारने का दावा
बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि उनकी सरकार गौवंश संरक्षण पर काम कर रही है और पिछली सरकार में बिगड़ी व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोशिश जारी है. उनका तर्क है कि चरणबद्ध तरीके से गौधाम, फंडिंग और स्थानीय निकायों के सहयोग से समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा.