Chhattisgarh Law and Order Issue: छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Former CM Bhupesh Baghel Statement) ने राज्य सरकार और गृह विभाग पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि होली जैसे त्योहार पर भी लोग सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में ड्राई डे के दिन भी घर में घुसकर हत्या होती रही, जिससे साफ है कि सरकार कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो रही है. इसके अलावा कमिश्नर प्रणाली (Raipur Commissionerate System) पर भी सवाल उठाए गए हैं.
“कमिश्नर प्रणाली लागू हुई, लेकिन अपराध पर लगाम नहीं”
बघेल ने रायपुर में लागू की गई कमिश्नर प्रणाली पर भी कटाक्ष किया. उनका कहना है कि राजधानी में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. अनुभवहीन प्रोमोटेड अधिकारी को कमिश्नर बना दिया गया. प्रशासनिक ढांचा सही दिशा में काम नहीं कर रहा. उन्होंने कहा कि राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा अपने गृह जिले तक को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे में उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए.
दीपक बैज बोले - राज्य में कानून व्यवस्था बदहाल
वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि होली के दौरान महिलाओं से अभद्रता की घटनाएँ बढ़ीं. पुलिसकर्मियों की वर्दी तक फाड़ दी गई. नशे और शराब के कारण हालात बिगड़े. यदि कांग्रेस की मांग पर शराब दुकानें बंद न होतीं, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी. बैज ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री कानून व्यवस्था सँभालने के बजाय सोशल मीडिया पर रील बनाने में अधिक व्यस्त हैं.
महाराष्ट्र और बिहार के चुनाव परिणाम देख लीजिए, कोई भी पार्टी टस मस नहीं हो सकती.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 6, 2026
अब नीतीश जी राज्यसभा जा रहे हैं तो मुख्यमंत्री बदला जाएगा. ये भाजपा की शुरू से ही रणनीति थी कि उन्होंने चुनाव के समय से ही नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री चेहरा मानने से मना कर दिया था.
लेकिन नीतीश जी… pic.twitter.com/viKutZeeX9
नीतीश कुमार पर भी बघेल का तंज
बघेल ने बिहार की राजनीति पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और बिहार के चुनाव परिणाम बताते हैं कि कोई भी पार्टी आसानी से दबाव में नहीं आती. उन्होंने कहा कि बीजेपी शुरू से ही नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री चेहरा मानने को तैयार नहीं थी. अब जब नीतीश राज्यसभा जा रहे हैं, तो मुख्यमंत्री बदलना तय है. नीतीश ने दसवीं बार शपथ लेकर दांव जरूर खेला, लेकिन मोदी‑शाह की रणनीति के आगे टिक नहीं पाए.
होली पर हिंसक घटनाओं से बढ़ी चिंता
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य में होली के दिन कई स्थानों पर हिंसा, झगड़े और हमले की खबरें आईं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना. उनका कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और सरकार पूरी तरह असफल नजर आ रही है.
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