Chhattisgarh Police: गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्यपाल रामेन डेका ने पुलिस वीरता पदक, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक, सराहनीय सेवा पदक और वीरता पदक 2025 से पुलिस अधिकारी और बहादुर बच्चों को सम्मानित किया. राज्यपाल ने 25 पुलिस अधिकारी और पांच बहादुर बच्चों को सम्मानित किया.
इन्हें पुलिस वीरता पदक से नवाजा गया
पुलिस वीरता पदक से आईपीएस सुनील शर्मा, निरीक्षक संदीप कुमार मांडले, आरक्षक मडकम देवा, मडकम पांडू, मडकम हड़मा, बारसे हूंगा और रोशन गुप्ता को सम्मानित किया गया. इसके अलावा एएसआई सूरज कुमार मरकाम, प्रधान आरक्षक माडवी सन्नू, कंपनी कमांडर करोड़ सिंह और आरक्षक पुरुषोत्तम देवांगन को पुलिस वीरता पदक से नवाजा गया. वहीं शहीद सहायक उप निरीक्षक रामू राम नाग, शहीद कुंजाम जोगा, शहीद वंजाम भीमां को वीरता के लिए मरणोपरांत पुलिस वीरता पदक दिया गया.
राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हुए ये पुलिस अधिकारी
विशिष्ट सेवा के लिए महानिदेशक जेल हिमांशु गुप्ता को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया. वहीं सराहनीय सेवा पदक से पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता, उप पुलिस महानिरीक्षक प्रशांत ठाकुर, सेनानी 19वीं वाहिनी श्वेता राजमणि, पुलिस अधीक्षक कोरिया रवि कुमार कुरे, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रोहित कुमार झा, निरीक्षक कौशल्या भट्ट, निरीक्षक कमलेश कुमार मिश्रा, प्लाटून कमांडर 13वीं वाहिनी डाल सिंह नामदेव, कंपनी कमांडर 15वीं वाहिनी दिलीप कुमार सिन्हा और सहायक प्लाटून कमांडर सुशील कुमार बरुआ को सम्मानित किया गया.
इन्हें मिला राज्य वीरता पुरस्कार
राज्य वीरता पुरस्कार से रायगढ़ के आर्यन खेश, राकेश मिंज, धमतरी के आशु देवांगन और मेहुल देवांगन को सम्मानित किया गया.
इस खास मौके पर राज्यपाल ने कहा कि ये पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा के लिए किए गए बलिदान और साहस का प्रतीक हैं. समारोह में मौजूद अधिकारियों और नागरिकों ने सभी सम्मानित कर्मियों को शुभकामनाएं दीं.
सूरजपुर एसपी प्रशांत ठाकुर ने क्या कहा?
एनडीटीवी रिपोर्टर ने सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित सूरजपुर एसपी प्रशांत ठाकुर से बातचीत की. इस दौरान प्रशांत ठाकुर ने बताया कि लॉ एंड ऑर्डर क्राइम इन्वेस्टीगेशन के बेहतर कार्य के लिए उन्हें भारतीय पुलिस पदक मिला है. प्रशांत सिंह के बेटे ने एनडीटीवी को बताया वो बेहद खुश हैं. पिता जी की सफलता को देख ख़ुद भी आईपीएस बनना चाहते हैं.
नक्सल मोर्चे पर अपनी जान जोखिम में डालकर नक्सल विरोधी अभियान में सराहनीय कार्य के लिए डाल सिंह नामदेव को भारतीय पुलिस पदक 2025 से सम्मानित किया गया.