Chhattisgarh Electricity Bill Settlement Scheme: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक तरफ राज्य में बढ़ रहे अवैध अफीम खेती के मामलों पर कड़ा रुख अपनाया, वहीं दूसरी ओर बिजली उपभोक्ताओं की बड़ी समस्या को दूर करने के लिए “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” की शुरुआत की. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू रहेगी, जबकि समाधान योजना से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को भारी राहत मिलेगी.
बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की शुरुआत
राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाधान योजना की शुरुआत की और लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी दिए. यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए खास है, जो आर्थिक समस्याओं के कारण बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए और जिनका सरचार्ज बढ़ता गया. योजना के तहत लगभग 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज हर घर की आवश्यकता है और सरकार चाहती है कि किसी परिवार की रोशनी सिर्फ बिल बकाया होने के कारण बंद न हो.
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में बड़ी राहत
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2,931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की. उन्होंने बताया कि इस योजना के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है और अब तक प्रदेश में करीब 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं. उन्होंने यह भी सराहा कि महिला स्व-सहायता समूह अब सोलर पैनल वेंडर के रूप में भी काम कर रहे हैं.
कौन ले सकेगा समाधान योजना का लाभ?
योजना में तीन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है...
- 31 मार्च 2023 तक निष्क्रिय उपभोक्ता
- सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शन वाले उपभोक्ता
- सक्रिय अशासकीय घरेलू और कृषि उपभोक्ता
इनके लिए अधिभार पर 100% छूट और मूल बकाया राशि पर 75% तक छूट मिलेगी. उपभोक्ता पंजीयन के समय बकाया राशि का न्यूनतम 10% जमा करेंगे और बाकी किस्तों में भुगतान कर सकेंगे. यह योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी.
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री सख्त
दुर्ग और बलरामपुर में अवैध अफीम खेती के मामलों के खुलासे के बाद मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अपने-अपने जिलों में व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने आदेश दिया है कि 15 दिनों के भीतर प्रमाण-पत्र सहित विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी स्तर पर अवैध खेती या नशीले पदार्थों के उत्पादन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जीरो टॉलरेंस की नीति और आगे की कार्यवाही
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद आयुक्त भू-अभिलेख ने सभी जिलों को निर्देश भेज दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में अफीम की खेती न होने का प्रमाणपत्र जल्द उपलब्ध कराएं. दुर्ग और बलरामपुर में हाल में जिस तरह लगातार अवैध खेती पकड़ी गई है, उसने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि प्रदेश में अवैध मादक सामग्री की खेती या व्यापार के लिए कोई जगह न बचे.