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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED ने ₹1000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच की, गोवा का लग्जरी होटल भी कुर्क

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां अटैच कर दी हैं. इस कार्रवाई में गोवा का एक लग्जरी होटल भी शामिल है. ED ने कई नए आरोपियों को भी शामिल किया है.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED ने ₹1000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच की, गोवा का लग्जरी होटल भी कुर्क

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है. एजेंसी ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच कर दी हैं, जिनमें गोवा का एक लग्जरी होटल भी शामिल है. इस कार्रवाई के बाद इस घोटाले की परतें और गहराती नजर आ रही हैं, और इसमें शामिल आरोपियों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है.

हजार करोड़ की संपत्ति कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर कार्यालय ने 28 मई 2026 को PMLA के तहत तीन प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए. इसके तहत करीब 200 करोड़ रुपये की रजिस्ट्री वैल्यू और 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा बाजार मूल्य की संपत्तियों को कुर्क किया गया है. यह कार्रवाई इस घोटाले में अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में शामिल मानी जा रही है.

गोवा का लग्जरी होटल भी जद में

इस कार्रवाई में गोवा स्थित एक लग्जरी होटल समेत कई अहम संपत्तियों को अटैच किया गया है. ED के मुताबिक, ये संपत्तियां घोटाले से जुड़े आरोपियों की हैं, जिनमें अनवर ढेबर और पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा से जुड़े निवेश शामिल हैं.

इस मामले में जांच आगे बढ़ाते हुए ED ने विजय भाटिया, टी. भुनेश्वर राव, प्रबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर को नया आरोपी बनाया है. आरोप है कि प्रबीर शर्मा सिंडिकेट के लिए करोड़ों रुपये की नकदी इधर-उधर पहुंचाने का काम करता था.

चार्जशीट दाखिल, आरोपियों की संख्या बढ़ी

ED ने 29 मई को रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में छठी पूरक अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल की है. इस केस में अब तक कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 85 तक पहुंच चुकी है, जिससे इस घोटाले की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है. कार्रवाई के दौरान केवल होटल ही नहीं, बल्कि जमीन, बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड जैसे कई चल एवं अचल संपत्तियां भी अटैच की गई हैं.  

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला राज्य में 2019 से 2023 के बीच कथित तौर पर हुए 2000 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, शराब की बिक्री और वितरण के नाम पर एक संगठित सिंडिकेट चलाया गया, जिसमें कई बड़े अधिकारी और कारोबारी शामिल थे.

कैसे शुरू हुई जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत आयकर विभाग की एक याचिका से हुई, जो 11 मई 2022 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दाखिल की गई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि छत्तीसगढ़ में अवैध वसूली और दलाली का बड़ा खेल चल रहा है. इसी के आधार पर ED ने 18 नवंबर 2022 को PMLA के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी.

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