CGMSC घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW/ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए अहम गिरफ्तारी की है. जांच एजेंसी ने नवी मुंबई स्थित डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी 21 जनवरी 2026 को मुंबई से की गई, जिसके बाद इस बहुचर्चित घोटाले में एक बार फिर नए खुलासों की उम्मीद बढ़ गई है.
EOW ने मुंबई से की गिरफ्तारी
EOW की टीम ने घोटाले की परतें खुलने के बाद कुंजल शर्मा को पकड़ने के लिए मुंबई में दबिश दी. आरोपी डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नवी मुंबई में मार्केटिंग हेड के पद पर कार्यरत था और टेंडर प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहा था.
टेंडर में एमआरपी से तीन गुना रेट डालने का आरोप
EOW की जांच में सामने आया है कि मेडिकल उपकरणों से जुड़े रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स की आपूर्ति के लिए कुंजल शर्मा ने अपनी कंपनी के प्रोडक्ट्स की एमआरपी से करीब तीन गुना अधिक दरों की सूची CGMSC के टेंडर में डलवाई. जांच एजेंसी के अनुसार, यह सब मोक्षित कॉर्पोरेशन को अनुचित लाभ पहुंचाने के इरादे से किया गया.
कंपनी की नीति को किया नजरअंदाज
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुंजल शर्मा ने अपनी ही कंपनी की आंतरिक नीतियों को दरकिनार कर यह कदम उठाया. EOW का कहना है कि आरोपी ने शशांक चोपड़ा के साथ मिलकर पूरा षड्यंत्र रचा और जानबूझकर दरें बढ़ाकर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया.
सरकारी पैसों के दुरुपयोग का मामला
आरोप है कि इस गड़बड़ी के चलते CGMSC ने मोक्षित कॉर्पोरेशन की मनमानी दरों को मंजूरी दे दी. इसके बाद मोक्षित कॉर्पोरेशन ने वास्तविक एमआरपी से तीन गुना तक अधिक कीमत पर सामग्री की आपूर्ति की, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा.
27 जनवरी तक पुलिस रिमांड
गिरफ्तार आरोपी कुंजल शर्मा को 22 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय, रायपुर में पेश किया गया. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 27 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. इस दौरान EOW उससे गहन पूछताछ कर आगे के सबूत जुटाने की तैयारी में है.
CGMSC घोटाले में और बड़े खुलासों की उम्मीद
EOW सूत्रों का कहना है कि कुंजल शर्मा की गिरफ्तारी से घोटाले से जुड़े कई अहम नाम और कड़ियां सामने आ सकती हैं. जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.