Ambikapur Congress Office: गुटबाजी और आंत्रिक कलह की शिकार कांग्रेस पार्टी ने अब चोरों ने बड़ा प्रहार कर दिया है. दरअसल, छत्तीसगढ़ के सरगुजा में अंबिकापुर कांग्रेस जिला मुख्यालय में स्थित कांग्रेस के जिला कार्यालय 'राजीव भवन' को चोरों ने हाथ साफ कर दिया. चोरों ने न सिर्फ दफ्तर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताया, बल्कि वहां से 70 से अधिक पानी के नल भी चोरी कर लिए. इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
यह चोरी सिर्फ एक साधारण वारदात नहीं है, चोरों ने घटना को अंजाम देने के बाद जाते-जाते पुलिस और प्रशासन का मज़ाक भी उड़ाने की भी कोशिश की. चोरों ने राजीव भवन के वॉशरुम में जमकर तोड़-फोड़ की और जाते-जाते वहां धूल भरी जमीन पर हाथ से लिखा दिया "आई लव अंबिकापुर". इससे ऐसा मालूम होता है कि चोरों ने बेखौफ होकर पुलिस को खुली चुनौती देने के लिए ऐसा किया.
तीसरी बार निशाना बना 'राजीव भवन'
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, हाल के महीनों में कांग्रेस कार्यालय में चोरी की यह तीसरी घटना है. बार-बार हो रही इन वारदातों से पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में भारी आक्रोश है. 15 मई की सुबह जब दफ्तर के केयरटेकर ने ताला खोला, तब इस पूरी घटना का खुलासा हुआ, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. कांग्रेस नेताओं ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें वॉशरूम की जमीन पर "आई लव अंबिकापुर" लिखा हुआ साफ नजर आ रहा है.
"सिर्फ कागजों पर हो रही पुलिस की गश्त"
बालकृष्ण पाठक ने शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि चोरों की यह हिमाकत पुलिस के लिए एक सीधी चुनौती है. पाठक ने कहा कि शहर में नशेड़ी और असामाजिक तत्व लगातार सक्रिय हैं और इस घटना के पीछे भी उन्हीं का हाथ हो सकता है. पुलिस की रात की गश्त सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई है. अब आम लोग तो दूर, राजनीतिक पार्टियों के दफ्तर भी सुरक्षित नहीं हैं. पुलिसकर्मी सिर्फ वीआईपी प्रोटोकॉल ड्यूटी संभालने में व्यस्त हैं." इस पूरी वारदात से कांग्रेस कार्यालय को 80 हजार रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया है.
इस मामले में सोमवार को पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ घर में जबरन घुसने और चोरी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. हालांकि, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
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