CAF protest Raipur: सीएएफ (Chhattisgarh Armed Force) भर्ती की वेटिंग लिस्ट वाले अभ्यर्थियों का आंदोलन 28वें दिन भी जारी रहा. इसी दौरान धरना स्थल पर एक महिला अभ्यर्थी बेहोश हो गई. साथियों ने एंबुलेंस के लिए कई बार कॉल किया, लेकिन मदद देर तक नहीं पहुंची. आरोप है कि प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने साथी को उठाकर पैदल अस्पताल ले जाने का फैसला किया. रास्ते में पुलिस से धक्का‑मुक्की भी हुई और हालात तनावपूर्ण बन गए.
धरना स्थल पर बिगड़ी तबीयत
दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सीएएफ के वेटिंग अभ्यर्थी 28 दिनों से नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. सोमवार को धरने में शामिल अभ्यर्थी चांदनी सोनवानी की अचानक तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश हो गईं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने तुरंत एंबुलेंस के लिए कॉल किया, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक कोई मदद नहीं पहुंची. नाराज अभ्यर्थियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और नारे लगाए “वर्दी दो या मृत्यु दो.”
15 किलोमीटर पैदल चले अभ्यर्थी
एंबुलेंस देर होने पर अभ्यर्थियों ने बेहोश साथी को उठाकर पैदल ही अभनपुर अस्पताल की ओर चलना शुरू किया. उनका कहना है कि उन्हें लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा. इस बीच पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो बहस और झूमाझटकी की स्थिति बन गई. कुछ समय के लिए माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण रहा. बाद में प्रदर्शनकारी अपनी गाड़ी से चांदनी सोनवानी को अभनपुर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती कराया गया.
क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन?
वेटिंग अभ्यर्थी अमरनाथ के अनुसार, वर्ष 2018 में सीएएफ के 1,786 पदों के लिए भर्ती निकली थी. मेरिट लिस्ट के साथ‑साथ नियम के अनुसार 25% अभ्यर्थियों की वेटिंग लिस्ट भी जारी की गई थी. मेरिट लिस्ट वाले अभ्यर्थियों को जॉइनिंग मिल गई, लेकिन वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति नहीं दी गई. इसी मांग को लेकर अभ्यर्थी 22 दिसंबर से लगातार धरने पर हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
अभ्यर्थियों के सवाल और प्रशासन से नाराजगी
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्षों से भर्ती प्रक्रिया के पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं. उनका आरोप है कि बार‑बार आश्वासन के बावजूद वेटिंग लिस्ट पर कार्रवाई नहीं हो रही. एंबुलेंस देरी और पुलिस के टकराव को लेकर उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. अभ्यर्थियों की मांग है कि वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति पर तुरंत निर्णय लिया जाए और आंदोलन के दौरान चिकित्सा एवं सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं.