Anti Naxal Encounter News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बीजापुर (Bijapur) जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाकों में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक एक महिला नक्सली कैडर सहित कुल 4 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए हैं. यह मुठभेड़ लगातार बदलती परिस्थितियों में हुई, जिसमें सुरक्षाबलों ने रणनीति और सतर्कता के साथ अभियान को आगे बढ़ाया.
AK-47 और .303 राइफल जैसे हथियार भी मिले
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने AK-47 और .303 राइफल और ग्रेडेड जैसे हथियार बरामद किए हैं. हथियारों की बरामदगी इस बात की ओर इशारा कर रही है कि क्षेत्र में सक्रिय माओवादी कैडर भारी हथियारों से लैस थे और सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की योजना में लगे थे.
DVCM दिलीप की मौजूदगी की सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन
पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव के अनुसार, माओवादियों की नेशनल पार्क एरिया कमेटी के कुख्यात कैडर DVCM दिलीप बेड़जा और अन्य हथियारबंद माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. इसी आधार पर DRG / COBRA / STF की संयुक्त टीम ने विशेष सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया था.
17 जनवरी 2026 की सुबह से रुक-रुककर फायरिंग
सर्च अभियान के दौरान 17 जनवरी की सुबह से संयुक्त टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही. इलाके की भौगोलिक स्थिति और जंगलों घना जंगल ऑपरेशन के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहा. इन सबके बीच जवानों ने मोर्चा संभाले रखा. इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बावजूद DRG, COBRA और STF के जवान अनुशासन, रणनीतिक दक्षता और अद्वितीय साहस के साथ माओवादी कैडरों के खिलाफ निर्णायक अभियान को अंजाम दे रहे हैं.
अब तक चार शव हुए बरामद
ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से दोपहर तक 2 माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए. इसके बाद शाम के समय सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच दोबारा हुई मुठभेड़ में एक महिला कैडर सहित दो और माओवादी मारे गए. इस तरह अब तक की कार्रवाई में कुल 4 माओवादी कैडर ढेर किए जा चुके हैं.
DVCM दिलीप बेड़जा के मारे जाने के संकेत
प्रारंभिक पहचान विवरणों से संकेत मिले हैं कि मृत माओवादी कैडरों में से एक की पहचान नेशनल पार्क एरिया कमेटी के कुख्यात DVCM दिलीप बेड़जा के रूप में की गई है. वहीं, मुठभेड़ में मारे गए अन्य माओवादी कैडरों के भी इसी एरिया कमेटी से संबंधित होने की संभावना जताई गई है. उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है.
इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन तेज
सुरक्षा कारणों और संभावित खतरे को देखते हुए क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान लगातार जारी है. सुरक्षाबल आसपास के जंगलों, पहाड़ियों और संदिग्ध मूवमेंट वाले इलाकों को खंगाल रहे हैं, ताकि कोई भी सशस्त्र कैडर बचकर न निकल सके.
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पुलिस का कहना है कि अभियान पूर्ण होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट अलग से साझा की जाएगी. फिलहाल, सुरक्षाबलों की प्राथमिकता इलाके को पूर्णतः सुरक्षित कर माओवादियों के नेटवर्क को तोड़ना है.
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