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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा- विभाग ने दी खराब साड़ियां, सम्मान सुविधा प्रणाली ऐप का करेंगे विरोध

बलौदा बाजार जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सम्मान सुविधा प्रणाली ऐप के विरोध में बड़ा फैसला लिया है. संघ ने 20 जनवरी 2026 से फोटो हाजिरी का सामूहिक बहिष्कार करने का ऐलान किया है.

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा- विभाग ने दी खराब साड़ियां, सम्मान सुविधा प्रणाली ऐप का करेंगे विरोध

Anganwadi Workers Protest: बलौदा बाजार जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है. सम्मान सुविधा प्रणाली ऐप को लेकर नाराज़ संघ ने इसे लेकर बड़ा ऐलान किया है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐप में कई व्यवहारिक खामियां हैं, जिनसे न सिर्फ उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है बल्कि मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है.  

सम्मान ऐप का सामूहिक बहिष्कार

जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ, जिला बलौदा बाजार ने घोषणा की है कि 20 जनवरी 2026 से जिले की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सम्मान सुविधा प्रणाली ऐप में फोटो हाजिरी का सामूहिक बहिष्कार करेंगी. संघ ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय ऐप की गंभीर विसंगतियों को देखते हुए लिया गया है. हालांकि, पोषण ट्रैकर ऐप में उपस्थिति और अन्य ऑफलाइन कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे.

ऑनलाइन फोटो हाजिरी को बताया अव्यावहारिक

संघ की जिला अध्यक्ष सतरूपा ध्रुव ने विभाग की नीति पर गहरी नाराज़गी जताई. उनका कहना है कि सुबह 9:30 से 9:45 बजे के बीच ऑनलाइन फोटो हाजिरी अनिवार्य करना पूरी तरह अव्यावहारिक है. यही समय बच्चों के स्वागत, प्रार्थना और प्रारंभिक शिक्षण गतिविधियों का होता है. ऐसे में फोटो लेना और नेटवर्क तलाशना न केवल काम में बाधा बनता है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी असर डालता है.

दो ऐप से बढ़ रहा काम और दबाव

संघ का कहना है कि केंद्र सरकार के पोषण ट्रैकर ऐप में पहले से ही उपस्थिति दर्ज की जा रही है. इसके बावजूद राज्य स्तर पर अलग ऐप लागू करना काम की दोहराव प्रक्रिया है. इससे कार्यकर्ता अनावश्यक मानसिक दबाव में आ रही हैं और उनका समय प्रशासनिक कामों में ज्यादा जा रहा है, जबकि असली ज़रूरत बच्चों और माताओं पर ध्यान देने की होती है.

निजी मोबाइल पर ऐप चलाने का विरोध

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बिना 5G मोबाइल, बेहतर नेटवर्क और डेटा भत्ता दिए ही निजी मोबाइल पर ऐप चलाने के लिए मजबूर किया जा रहा है. संघ के मुताबिक, यह व्यवस्था नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है और कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ डालने वाली है.

साड़ियों की गुणवत्ता पर सवाल

सम्मान ऐप के साथ-साथ यूनिफॉर्म को लेकर भी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. संघ की कार्यकर्ता सुलोचना वर्मा ने कहा कि विभाग द्वारा वितरित साड़ियों की गुणवत्ता बेहद खराब है. ये साड़ियां न तो काम करने में सुविधाजनक हैं और न ही महिलाओं की गरिमा और पेशेवर पहचान के अनुरूप हैं.

ब्लेजर या कोट देने की मांग

साड़ियों के स्थान पर संघ ने शासकीय लोगो युक्त ब्लेजर या कोट देने की मांग की है. उनका कहना है कि ब्लेजर सभी साइज की महिलाओं के लिए सुविधाजनक होगा, फील्ड वर्क में उपयोगी रहेगा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक प्रोफेशनल पहचान भी देगा. संघ ने मांग की है कि इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेकर राज्य निदेशालय तक भेजा जाए. 

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