मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. यही वजह है कि महज एक साल में भक्त 65 करोड़ रुपये का लड्डू प्रसाद अपने साथ ले गए. उज्जैन के जिला कलेक्टर IAS रोशन कुमार सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं. पिछले एक साल में करीब सात करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया है.
एक साल में 65 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिक्री
उज्जैन में 1 मार्च 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच लड्डू प्रसाद की बिक्री करीब 65 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. यानी एक साल के भीतर करोड़ों श्रद्धालु बाबा का आशीर्वाद अपने साथ लड्डू प्रसाद के रूप में लेकर गए. इसकी तुलना में महाकालेश्वर मंदिर में वर्ष 2023-24 और वर्ष 2024-25 में लड्डू प्रसाद की बिक्री से करीब 54 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जो कि वर्ष 2022-23 की तुलना में 39 करोड़ रुपये अधिक थी.
जय महाकाल के उद्घोष के साथ तैयार होता है प्रसाद
बता दें कि चिंतामण रोड स्थित लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई में कर्मचारी जय महाकाल और ओम नमः शिवाय का उद्घोष करते हुए पूरी शुद्धता और सफाई के साथ प्रसाद तैयार करते हैं. यह प्रसाद शुद्ध देसी घी, बेसन, रवा, शक्कर का भूरा, काजू और किशमिश मिलाकर बनाया जाता है. प्रसाद सिर्फ यहीं पर तैयार होता है.
रोजाना तैयार होता है 60 क्विंटल लड्डू प्रसाद
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन करीब 60 क्विंटल लड्डू प्रसाद तैयार किया जाता है. वहीं महाशिवरात्रि, सावन मास और अन्य बड़े पर्वों के अवसर पर यह आंकड़ा 150 क्विंटल प्रतिदिन तक पहुंच जाता है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में 24 घंटे प्रसाद काउंटर संचालित किए जा रहे हैं. इसके अलावा, अब मंदिर में “श्री अन्न मिशन” के तहत रागी के लड्डू भी तैयार किए जा रहे हैं. स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद और पौष्टिक माने जाने वाले इन रागी लड्डुओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है.
FSSAI की फाइव स्टार रेटिंग और मिल चुका है अवॉर्ड
महाकाल मंदिर का लड्डू प्रसाद अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और शुद्धता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. यही वजह है कि इस प्रसाद निर्माण यूनिट को भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की तरफ से 'फाइव स्टार रेटिंग' मिल चुकी है. इसके अलावा, मंदिर के लड्डू प्रसाद को उसकी उच्च गुणवत्ता के लिए विशेष अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.
भक्त बोले-ऐसा दिव्य प्रसाद कहीं नहीं
देशभर से उज्जैन आने वाले श्रद्धालु बाबा महाकाल के इस दिव्य प्रसाद की जमकर तारीफ कर रहे हैं. श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने देश के कई बड़े मंदिरों का प्रसाद ग्रहण किया है, लेकिन महाकाल के लड्डू प्रसाद जैसा अद्भुत स्वाद और शुद्धता कहीं और नहीं मिली. भक्तों के मुताबिक, यह सिर्फ एक प्रसाद नहीं है, बल्कि साक्षात बाबा महाकाल का आशीर्वाद है.
वीआईपी दर्जन कराने की मांग
उधर, श्री महाकालेश्वर मंदिर में वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए. मामले में अखिल भारतीय मंदिर मठ सनातन धर्म मोर्चा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर महाकाल मंदिर में भस्म आरती में दी जाने वाली प्रोटोकॉल सुविधा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है.
मोर्चा के अध्यक्ष किशोर कुशवाह ने आरोप लगाया कि मंदिर में वीआईपी श्रद्धालुओं और सेलिब्रिटी को विशेष सुविधा देकर आम भक्तों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कई लोग प्रोटोकॉल के नाम पर हर सोमवार, शिवरात्रि और अन्य पर्वों पर बार-बार अनुमति लेकर भस्म आरती में शामिल होते हैं, जबकि आम श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.