देश के दो पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की कवायद बेहद तेज हो गई है. एक तरफ जहां मध्य प्रदेश में यूसीसी का ड्राफ्ट अंतिम चरण में पहुंच चुका है, वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ ने भी साफ कर दिया है कि वह जल्द ही इस कानून को अपने यहां अमलीजामा पहनाने जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही राज्यों में इस कानून की रूपरेखा तैयार करने का जिम्मा सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के कंधों पर है.
मध्य प्रदेश: मॉनसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी
नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में हाल ही में उच्च स्तरीय समिति की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता समिति की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने की. बैठक में यूसीसी विधेयक के प्रारूप पर अंतिम दौर की विस्तृत चर्चा पूरी कर ली गई है.
समिति से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट और विधेयक का ड्राफ्ट अब पूरी तरह तैयार है और इसे जल्द ही मध्य प्रदेश सरकार को सौंप दिया जाएगा. सरकार की योजना आगामी विधानसभा के मॉनसून सत्र में ही इस बहुप्रतीक्षित UCC विधेयक को सदन के पटल पर रखने की है.
दो भागों में होगी रिपोर्ट
बताया जा रहा है कि समिति द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट को दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है. पहले भाग में समिति की मुख्य अनुशंसाएं और कानूनी प्रावधान शामिल होंगे. दूसरे भाग में जनता से लिए गए परामर्श, सुझाव और फीडबैक का पूरा विवरण होगा. इस बैठक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति के अधिकार जैसे संवेदनशील और प्रमुख विषयों पर गहन मंथन किया गया है.
छत्तीसगढ़: सीएम विष्णु देव साय का बड़ा एलान
इसी बीच, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर सरकार का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है. मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की है कि छत्तीसगढ़ में भी UCC को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारे छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू होगा. इसके लिए रिटायर्ड जज मैडम (रंजना प्रकाश) देसाई की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया गया है. यह कमेटी छत्तीसगढ़ के हर वर्ग के बीच जाएगी, उनसे संवाद करेगी और उनकी राय के आधार पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. रिपोर्ट आने के बाद राज्य में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
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