Madhya Pradesh News: साल 2015 में गुना के धरनावदा थाने में पुलिस अभिरक्षा में ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह की संदिग्ध मौत के मामले में बर्खास्त सब इंस्पेक्टर रामवीर सिंह कुशवाहा उर्फ दाऊ की जमानत याचिका हाईकोर्ट ग्वालियर में निरस्त कर दी है. कोर्ट ने माना कि यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो वो गवाहों को प्रभावित कर सकता है. रामवीर के खिलाफ आत्माराम पारदी की हत्या समेत कई प्रकार मामला दर्ज है.
पुलिस ने जिस कहानी के आधार पर Case Close किया... वो जिंदा निकली
दरअसल, गुना में थाने के अंदर ट्रक ड्राइवर की मौत के खुलासे ने पुलिस के होश उड़ाकर रख दिए हैं. ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह की जली हुई लाश अब इंसाफ मांग रही है. पुलिस ने जिस कहानी के आधार पर Case Close कर दिया था, उसमें U-Turn आ गया है. जिस महिला की मौत को ड्राइवर की आत्महत्या का कारण बताया गया था वो जिंदा निकली.
बर्खास्त SI रामवीर सिंह कुशवाहा की जमानत याचिका निरस्त
बेहद सनसनीखेज मामले में नौकरी से बर्खास्त पुलिस दरोगा रामवीर सिंह उर्फ दाऊ पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. तत्कालीन सब इंस्पेक्टर रामवीर पर आरोप है कि उसने अवैध वसूली के नाम पर उत्तर प्रदेश के ललितपुर निवासी ट्रक ड्राइवर को टॉर्चर किया था. ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह को रूठियाई थाने में बंद करके थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया यातनाएं दी गई थीं. अगले ही दिन थाना परिसर में ट्रक ड्राइवर की अधजली लाश लावारिस हालत में मिली थी.
थाना प्रभारी रामवीर सिंह ने की केस में लीपापोती
मामले को रफा दफा करने के लिए थाना प्रभारी रामवीर सिंह ने केस पर लीपापोती करते हुए बताया था कि ड्राइवर की पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी इसलिए ड्राइवर माखन कुशवाह ने डीजल डालकर आत्महत्या कर ली, लेकिन 10 साल बाद जब दोबारा इस मामले ने तूल पकड़ा तो हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ. ट्रक ड्राइवर की मौत के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी रामवीर सिंह दाऊ की संलिप्तता मिली है. वहीं 21 जून 2015 की इस घटना ने एक बार दोबारा रामवीर सिंह दाऊ को सलाखों के पीछे धकेल दिया है. ट्रक ड्राइवर के पिता गोपाल कुशवाह ने दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
क्या है पूरा मामला
ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह 18 जून 2015 को कंटेनर MH04 FU 8924 लेकर ग्वालियर से देवास की ओर निकला था, लेकिन उसे गुना में पुलिस ने पकड़ लिया था. पुलिस ने उसे तीन दिन तक रूठियाई थाने में बैठाकर रखा और पैसों की अवैध वसूली की. अगले ही दिन 21 जून 2015 को माखन का अधजला शव थाना परिसर में लावारिस हालत में मिला.
सूचना मिलने पर मृतक ड्राइवर के परिवार वाले जब ललितपुर से गुना पहुंचे तो उन्होंने माखन के शव को देखा. छोटे भाई रमन के मुताबिक, माखन के शरीर का निचला हिस्सा, पैर, तलवे, पेट, एक तरफ का चेहरा जले हुए थे. जबकि पीठ और सिर के बाल नहीं जले थे. संदेह होने पर वह जिला अस्पताल से रुठियाई चौकी गया तो वहां उसे रामवीर (तत्कालीन सब इंस्पेक्टर) ने बताया कि माखन ने डीजल डालकर आत्महत्या कर ली.
पुलिस की कहानी सुनकर भाई को नहीं हुआ भरोसा
रमन ने जब यह पूछा कि उसने कंटेनर के टैंक से डीजल कैसे निकाला तो रामवीर बोला कि माखन ने डीजल टैंक में शर्ट गीली कर ली थी. पुलिस की कहानी सुनकर रमन को भरोसा नहीं हुआ. रमन ने कंटेनर का डीजल टैंक देखा तो उसके ढक्कन पर ताला लगा था और उसके ऊपर जाली लगी थी.
10 साल बाद जांच में खुलासा
रमन के मुताबिक उसमें उंगली भी नहीं जा सकती थी. जब यह बात उसने रामवीर को बताई तो रामवीर उस पर भड़क गया था. बाद में रामवीर सिंह ने माखन की पत्नी उषा की मृत्यु हो जाने से उसके वियोग में आत्महत्या करने की झूठी रिपोर्ट तैयार प्रकरण को बंद करवा दिया, लेकिन 10 साल बाद अब जांच में खुलासा हुआ है कि रुठियाई चौकी में मृतक माखन के कंटेनर को अवैध रूप से रोका गया था.
उससे पैसे छुड़ाए गए तथा उस पर केस बनाने की धमकी देकर और रुपए मंगाने के लिए उसके साथ मारपीट की गई थी. इस अपराध में स्वयं की संलिप्तता को छुपाने के लिए आरोपी रामवीर सिंह कुशवाहा व प्रधानआरक्षक हरिमोहन सिंह परिहार ने न केवल वारदात के सबूत मिटाए, बल्कि पूरी तरह झूठी रिपोर्ट्स भी तैयार की.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रामवीर सिंह की गिरफ्तारी कर ली गई है. ट्रक ड्राइवर की मौत के मामले में बर्खास्त सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर के जेल भेजा गया है.