खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करने वाली आरोपी तृप्ति सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. अब उसके खिलाफ दो और युवतियां सामने आई हैं, जिन्होंने आरोप लगाया है कि तृप्ति सिंह ने उन्हें IAS अधिकारी बनाने का सपना दिखाया और बदले में तीन-तीन लाख रुपए ले लिए. वायरल वीडियो सामने आने के बाद दोनों पीड़िताओं ने पुलिस से संपर्क कर अपनी आपबीती बताई. मामले में आरोपी तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु सिंह को भोपाल लाया है, जहां बागसेवनिया पुलिस को आरोपियों की 4 दिन की रिमांड मिली है.
वायरल वीडियो के बाद सामने आईं दो नई पीड़िताएं
तृप्ति सिंह का वीडियो वायरल होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया. वीडियो में नजर आ रही दो युवतियां भी अब खुद को पीड़ित बता रही हैं. इन युवतियों के नाम विशाखा तिरकम और ख्याति ढोलपुर हैं. दोनों बैतूल जिले की रहने वाली हैं. उन्होंने पुलिस को बताया कि तृप्ति सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह उन्हें IAS अधिकारी बनने में मदद करेगी.
IAS बनाने के नाम पर लिए 6 लाख रुपए
पीड़िताओं का आरोप है कि तृप्ति सिंह ने उनसे IAS बनने की तैयारी कराने और चयन सुनिश्चित कराने का भरोसा देकर तीन-तीन लाख रुपए लिए थे. इतना ही नहीं, उन्हें नियमित रूप से अभ्यास करने और अधिकारी बनने की तैयारी जारी रखने के लिए भी कहा जाता था. दोनों युवतियों का दावा है कि उन्हें लंबे समय तक यह विश्वास दिलाया गया कि उनकी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.
भोपाल पहुंचाए गए तृप्ति और सुधांशु
मामले की जांच के लिए पुलिस आरोपी तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु सिंह को भोपाल लेकर पहुंची है. बागसेवनिया थाना पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड लेने की प्रक्रिया में जुटी हुई है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में ठगी से जुड़े कई और तथ्य सामने आ सकते हैं.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बागसेवनिया थाने में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं. शिकायतकर्ताओं ने बताया था कि तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु सिंह ने खुद को IAS अधिकारी और मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग का अधिकारी बताकर संपर्क किया था. दोनों ने लोगों को यह भरोसा दिलाया कि वे मध्यप्रदेश टूरिज्म की होटलों के ठेके दिलवा सकते हैं और इसके बदले उनसे रकम ली गई.
प्रखर सिंह समेत अन्य लोग भी आरोपी
पुलिस ने बताया कि दर्ज मामलों में तृप्ति सिंह और सुधांशु सिंह के अलावा प्रखर सिंह और कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने लोगों को निशाना बनाया गया.
तृप्ति सिंह और उसके सहयोगियों के खिलाफ अशोकनगर जिले के चंदेरी में भी एक मामला दर्ज है. इसी मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी और वे न्यायिक हिरासत में थे. बागसेवनिया पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए उन्हें भोपाल लाकर अदालत में पेश किया है.
रिमांड में खुल सकते हैं कई राज
पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में ठगी के तरीके, संभावित अन्य पीड़ितों और नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.