उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में जन्माष्टमी महापर्व को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. मान्यता है कि यही वह पावन स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बड़े भाई बलराम और मित्र सुदामा के साथ शिक्षा ग्रहण की थी. ऐसे में हर वर्ष की तरह इस बार भी जन्माष्टमी पर आश्रम में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मौसम को देखते हुए प्रशासन व आश्रम प्रबंधन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं. बारिश से बचाव के लिए वाटरप्रूफ टेंट लगाए हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
सांदीपनि आश्रम का विशेष धार्मिक महत्व
सांदीपनि आश्रम हिंदू धर्म की आस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने यहीं गुरु सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त की थी. कहा जाता है कि इसी आश्रम में उन्होंने 64 कलाओं, 64 विद्याओं और 14 प्रमुख विद्याओं का ज्ञान अर्जित किया था. यही वजह है कि जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का विशेष महत्व माना जाता है.
रात 12 बजे मनाया जाएगा जन्मोत्सव
आश्रम से जुड़े राहुल व्यास के अनुसार परंपरा के मुताबिक रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा. जैसे ही जन्म का शुभ मुहूर्त होगा, पूरे आश्रम में धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के जन्म के साक्षी बनने के लिए मौजूद रहेंगे.
भगवान कृष्ण-बलराम को पहनाई जाएगी विशेष पोशाक
जन्मोत्सव के बाद सांदीपनि वंशज परिवार की ओर से भगवान श्रीकृष्ण और बलराम को विशेष रूप से तैयार की गई पोशाक धारण कराई जाएगी. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और जन्माष्टमी आयोजन का प्रमुख आकर्षण मानी जाती है. श्रद्धालु भी इस दिव्य श्रृंगार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं.
जन्माष्टमी के बाद आश्रम में नंदोत्सव मनाया जाएगा. इस अवसर पर भजन-कीर्तन, धार्मिक कार्यक्रम और प्रसाद वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी. श्रद्धालु नंदोत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी का उत्सव मनाएंगे.
बारिश को देखते हुए विशेष इंतजाम
इन दिनों मौसम को ध्यान में रखते हुए आश्रम परिसर में वाटरप्रूफ टेंट लगाए गए हैं. इसके अलावा बैठने, दर्शन और आवागमन की व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाया गया है. उद्देश्य यह है कि खराब मौसम की स्थिति में भी श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और वे सहजता से दर्शन कर सकें.
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. आश्रम प्रबंधन द्वारा भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जन्माष्टमी पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है.
मुख्यमंत्री के पहुंचने की संभावना
हर वर्ष की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के परिवार सहित सांदीपनि आश्रम पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि कार्यक्रम को लेकर अंतिम सूचना प्रशासनिक स्तर पर जारी की जाएगी.