
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है. दूरसंचार सुविधाओं का विकास एवं विस्तार आज की बड़ी जरूरत है. मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए यहां आने वाले हर उद्यमी, हर निवेशक का स्वागत है. टेलीकम्यूनिकेशन फेसिलिटीज को बेहतर बनाकर हम प्रदेश के हर क्षेत्र व केंद्रीय दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना चाहते हैं.
मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल है. निवेशक राज्य की देश में केंद्रीय स्थिति का भरपूर लाभ उठाएं. टेलीकॉम सेक्टर में इन्वेस्ट करने के लिए मध्यप्रदेश आने वाले हर निवेशक के हितों का सरकार पूरा ध्यान रखेगी. मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में प्रदेश में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र (टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन - टीएमजेड) की स्थापना एवं इसके क्रियान्वयन के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों से आत्मीय चर्चा कर सरकार की प्रतिबद्धताओं और भावी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर जैसे क्षेत्रों में टेलीकॉम सेक्टर के विकास की असीम संभावनाएं हैं. हमारी सरकार टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए निवेशकों को हर संभव सहयोग करेगी. आप बेझिझक निवेश कीजिए, आपके हितों की चिंता सरकार करेगी.
इंदौर में होगा आईटी कॉन्क्लेव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव होने जा रहा है. इच्छुक निवेशक इसमें अपना प्रस्ताव दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के निर्माण के लिए बड़े लैण्ड बैंक की आवश्यकता होगी. निवेशकों से कहा कि कम जमीन में ज्यादा निर्माण इकाईयां स्थापित करने से लागत भी कम होगी और प्रबंधन में भी आसानी होगी. निवेशक इसी दिशा में आगे बढ़ें. मुख्यमंत्री के साथ बैठक में निवेशकों ने कहा कि वे विचार-विमर्श कर जल्द ही अपना निर्णय लेंगे और सरकार को अवगत कराएंगे.
ग्वालियर में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
बैठक में बताया गया कि ग्वालियर जिले में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) बनाया जाना प्रस्तावित है. यह टीएमजेड करीब 350 एकड़ जमीन पर बनेगा. इस टीएमजेड में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी सभी एसेसरीज (सहायक उपकरण), सिस्टम्स, कम्पोनेंटस, वाइफाई, ऑप्टिकल्स, मोबाइल डिवाइसेस, सिमकार्ड, एंटीना, टेलीकॉम चिप्स सहित टेलीकॉम सेक्टर में नई 6जी टेक्नॉलाजी के लिए अनुसंधान एवं विकास के कार्य भी किए जाएंगे. टेलीकॉम सेक्टर की डिक्सॉन, वॉयकॉन, आईबीएम, निक्सन एवं एरिक्सन जैसे सभी बड़ी कम्पनियां यहां निवेश करने के लिए आएंगी. इससे प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर का विस्तार होगा और सेवाएं भी बेहतर होंगी.
केंद्रीय मंत्री कई योजनाओं पर काम कर रहे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों के साथ टेलीकॉम सेक्टर के प्रगतिशील विकास के लिए विस्तार से चर्चा की. बताया गया कि केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है. निवेशकों ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी.
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीआईडीसी) द्वारा इस विषय में नेतृत्व करते हुए ग्वालियर में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र की स्थापना के लिए निवेशकों को ग्वालियर आईटी पार्क में उपलब्ध भूमि और ग्वालियर के ही साडा क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अवलोकन कराया गया. उपलब्ध भूमि के सम्पूर्ण क्षेत्र कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर और आसपास के ईको सिस्टम की उपयोगिता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन निवेशकों के प्रतिनिधि मंडल द्वारा किया गया था.
गत एक अप्रैल को ही ग्वालियर के साडा क्षेत्र के प्रस्तावित स्थल का दूरसंचार विभाग एवं एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुन: मूल्यांकन किया गया. प्रदेश की नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में प्रोत्साहन करने के लिए योजनाबद्ध राजकोषीय और गैर राजकोषीय पेकेज पर भी इस दौरान चर्चा की गई. निवेशकों ने कहा कि हम जितना जल्द हो सके, इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में अपना काम प्रारंभ कर लेंगे.
साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को दी जाएगी
ग्वालियर आईटी पार्क में लगभग 70 एकड़ एवं साडा ग्वालियर क्षेत्र में 300 एकड़ भूमि की मांग निवेशकों द्वारा की गई है. मुख्य सचिव जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है. साडा ग्वालियर क्षेत्र में औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण की कार्यवाही साथ-साथ होने से क्षेत्र का विकास तेजी से होने की संभावना है. साडा के समीपवर्ती क्षेत्र से ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे भी बनाया जाना संभावित है. इससे आगरा-दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी और लगभग 50 मिनट की अवधि में ग्वालियर से आगरा की दूरी तय की जा सकेगी.
इससे कंपनियों को लॉजिस्टिक का व्यय कम से कम होगा. साडा क्षेत्र से ही ग्वालियर वेस्टर्न बायपास का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ हो रहा है. इससे आगरा-मुंबई (एबी रोड) से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. साडा क्षेत्र से दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी निकल रहा है. इससे इस क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों को भरपूर लाभ होगा. मुख्य सचिव जैन ने कहा कि जीआईएस के दौरान सरकार ने 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं. यह सभी नीतियां मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बेहद अनुकूल हैं.
उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में उभरते सभी अवसरों का लाभ उठाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और केन्द्रीय दूरसंचार मंत्रालय के साथ भी हम सतत् रूप से सम्पर्क में हैं. केन्द्रीय नीतियों का लाभ लेते हुए मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए हर जरूरी सहयोग दिया जाएगा. उन्होंने राज्य सरकार की नवीन औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025 के संदर्भ में टेलीकॉम सेक्टर के लिए प्रावधानों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5जी एवं 6जी इंटरनेट सेवाओं के विकास के लिए हम निवेशकों के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे.
क्या है टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन परियोजना
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में ग्लोबल टेलीकॉम मार्केट लगभग 2.10 ट्रिलियन यूएस डॉलर का अनुमानित है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी यूएसडी 53.18 बिलियन है. ग्लोबल टेलीकॉम मार्केट में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए भारत के पास यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर आया है. इसी उद्देश्य से भारत को टेलीकॉम सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने के लिए दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय भारत में विशेष टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाने की योजना पर काम कर रहा है.
इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का लक्ष्य भारत में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, अनुसंधान एवं डिजाइन तथा विस्तृत इको-सिस्टम को प्रोत्साहित करना है. ग्लोबल इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने के लिए, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के अंतर्गत प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, फिस्कल एवं नॉन-फिस्कल इन्सेंटिव्स एवं अन्य सुविधाएं देना प्रस्तावित है.
प्रस्तावित टीएमजेड के अंतर्गत दूरसंचार विभाग द्वारा अत्याधुनिक एवं विश्वस्तरीय टेस्टिंग लैब्स एवं डिजाइन सेंटर जैसी सहायक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा. मध्यप्रदेश की सेंट्रल लोकेशन, स्ट्रॉन्ग लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कनेक्टिविटी, विकसित औद्योगिक इको सिस्टम, एवं अनुकूल नीतियां, इसे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए आदर्श और निवेश आकर्षित करने वाला स्थान बनाती हैं. इसीलिए मध्यप्रदेश के ग्वालियर में टीएमजेड की स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं.